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78 लाख की स्वीकृति न मिलने से फंसा जिला कारागार का निर्माण

मरैला में बन रहे जिला जेल के निर्माण में शिथिलता हावी है। पहले इस अक्तूबर में पूरा होना था फिर नवम्बर का लक्ष्य दिया गया है। धन की कमी के कारण अफसरों ने बाद में चल निर्माण की समय सीमा बढ़ा दी। जिसके चलते जेल का शुभारम्भ नहीं हो रहा है। इसके बाद निर्माण की समय सीमा दिसम्बर और फिर जनवरी कर दी गई। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता ने बताया कि पुलिया के निर्माण के लिए भेजे गए 78 लाख रुपए के प्रस्ताव को शासन में भेजा गया है, लेकिन अब तक वहां से स्वीकृति नहीं मिल सकी है। पुलिया न बनने के कारण सीवरेज प्लांट को भी इंस्टॉल नहीं किया जा सका है।
मरैला में स्थित जिले की कताई मिल को ध्वस्त करके जिला जेल का निर्माण करया जा रहा है। बसपा सरकार में ध्वस्तीकरण के बाद सपा सरकार में इसका निर्माण शुरू हुआ है। निर्माण की गति इतनी धीमी है कि कई बार इसके लक्ष्य निर्धारण के बाद भी अब तक इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है। शासन में बैठे अफसरों ने पहले इसका निर्माण अक्तूबर में पूरा करने का लक्ष्य दिया, लेकिन इसे बढ़ाकर नवम्बर में कर दिया गया। नवम्बर में पुलिया और सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का काम न पूरा होने के कारण इसके लक्ष्य को आगे बढ़ा दिया गया। कार्य करा रही कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता रामफल ने बताया कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा हो चुका है। इसे पुलिया के निर्माण के बाद तत्काल इंस्टॉल कर दिया जाएगा। अकबरपुर-शाहगंज मार्ग पर बीच सड़क पर पुलिया निर्माण के लिए 78 लाख रुपए की जरूरत है। शासन में पुलिया निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी अब तक शासन से बजट न मिलने के कारण अब तक जेल का शुभारम्भ नहीं हो सका है। यदि पुलिया निर्माण के लिए बजट की व्यवस्था उस समय कर दी गई होती तो अब तक जेल पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया होता।

 

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  • Web Title:Construction of District Jail caught due to non receipt of acceptance of 78 lakhs