
संविधान में एसआईआर जैसा शब्द नहीं, यह मताधिकार छीनने के लिए - आराधना मिश्रा
Lucknow News - - कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि जब तक मताधिकार सुरक्षित
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा है कि एसआईआर का जिक्र संविधान में नहीं है। यह भाजपा और चुनाव आयोग का इजाद किया तरीका है, ताकि लोगों से मत का अधिकार छीना जा सके। लोकतंत्र तभी तक जीवित है, जबतक मताधिकार सुरक्षित है। कांग्रेस मुख्यालय पर उनके साथ अमेठी सांसद केएल शर्मा, इलाहाबाद सांसद उज्जवल रमण सिंह और पूर्व सांसद पीएल पुनिया के साथ उन्होंने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदेश में हस्ताक्षर अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत एकत्रित 17,95,370 प्रतियां शनिवार को दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय भेजी गई हैं। कांग्रेस माह के अंत में वोट चोरी के खिलाफ एक बड़ी रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में करेगी।

इसके बाद राष्ट्रपति को कम से कम पांच करोड़ हस्ताक्षरों की प्रति सौंपी जाएगी। मोना मिश्रा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोट चोरी के सबूत देश के सामने रखे हैं। जनता को भी उनके आरोपों पर विश्वास है। एसआईआर के बहाने लोगों का वोट छीना जा रहा है। चुनाव आयोग की मंशा कैसी है, उसका अंदाजा इस बात से ही हो जाता है कि बिहार में पहले फेज की वोटिंग के बाद दूरदर्शन ने एक्स पर पोस्ट किया, एनडीए ने बढ़त बना ली है। चुनाव आयोग चुप है। नकली पते, फर्जी नाम, अधूरी जानकारी और एक जैसी फोटो वाले मतदाता बनाए जा रहे हैं। एसआईआर रोका जाए इलाहाबाद से कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण सिंह ने एसआईआर रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार में इसका हाल देख चुके हैं। पूर्व भाजपा सांसद राकेश सिन्हा दिल्ली के बाद बिहार में भी मतदान करते हैं। सांसद शांभवी चौधरी के दोनों हाथों की अंगुलियों में स्याही लगी थी। वहीं, अमेठी सांसद केएल शर्मा ने कहा कि हम सुनिश्चित करेंगे कि बीएलओ मनमानी न कर सके। हमारा बीएलए और हर कार्यकर्ता मताधिकार की सुरक्षा में लगा है।

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