
नगर निगम में फिर टकराव, 29 को महापौर ने सदन बुलाया
Lucknow News - लखनऊ में नगर निगम के महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के बीच टकराव बढ़ गया है। महापौर ने जूनियर अधिकारियों से सीनियर पीसीएस अधिकारियों की जांच कराने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच निष्पक्ष नहीं थी और रिपोर्ट में कमजोर तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं। 29 जनवरी को सदन में हंगामे की संभावना है।
सीनियर की जूनियर से जांच कराने का मुद्दा गरमाया 29 जनवरी को प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा लखनऊ, प्रमुख संवाददाता नगर निगम में महापौर और नगर आयुक्त के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। 29 जनवरी को बुलाई गई सदन की बैठक अब केवल औपचारिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा बनने जा रही है। महापौर द्वारा जिन दो सीनियर पीसीएस अधिकारियों के खिलाफ शासन में गंभीर शिकायतें भेजी गई थीं, उन्हीं अधिकारियों की जांच नगर आयुक्त ने जूनियर अधिकारियों से करवा दी और रिपोर्ट में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। मेयर का आरोप, मुझे नीचा दिखाया महापौर सुषमा खर्कवाल का आरोप है कि जिन अधिकारियों के खिलाफ साक्ष्यों के साथ शिकायत भेजी गई, उनकी जांच जूनियर अधिकारियों से कराना न सिर्फ नियमों की अनदेखी है, बल्कि जांच की निष्पक्षता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
महापौर के मुताबिक जूनियर अधिकारी, सीनियर अफसरों के दबाव में सही तथ्य सामने नहीं ला सके और रिपोर्ट को जानबूझकर कमजोर कर दिया गया। नगर आयुक्त गौरव कुमार द्वारा यह रिपोर्ट प्रमुख सचिव नगर विकास को भेजे जाने के बाद हालात और बिगड़ गए। खुद महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि रिपोर्ट के निष्कर्ष ऐसे हैं मानो महापौर द्वारा की गई शिकायतें झूठी हों और जिन अधिकारियों पर आरोप लगे थे वे पूरी तरह पाक-साफ हों। स्ट्रीट लाइट बदहाली बना बड़ा मुद्दा महापौर ने अपर नगर आयुक्त व पीसीएस ललित कुमार के खिलाफ शहर की बदहाल स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर शिकायत भेजी थी। दीपावली से पहले और बाद तक शहर के कई इलाकों में अंधेरा छाया रहा। हालात इतने खराब थे कि जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री तक शिकायत करनी पड़ी। सरोजिनी नगर के विधायक राजेश्वर सिंह ने भी इस मुद्दे पर शासन में आवाज उठाई थी। 29 जनवरी को सदन में टकराव तय सूत्रों के मुताबिक अब इस पूरे मामले से फिर से महापौर और नगर आयुक्त के बीच तनाव बढ़ गया है। सदन में इसको लेकर स्थिति सामान्य नहीं रहने वाली है। हंगामा होना तय बताया जा रहा है। अपर नगर आयुक्त पर पहले भी लग चुके हैं आरोप अपर नगर आयुक्त ललित कुमार का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। नगर निगम की जमीन पर एक बिल्डर को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने और बाद में पूरी फाइल के गायब हो जाने का मामला आज भी रिकॉर्ड में दर्ज है। उस वक्त संपत्ति विभाग के प्रभारी थे। इसके बावजूद बावजूद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। अपर नगर आयुक्त ललित कुमार व नम्रता सिंह की जांच जूनियर अधिकारी से करवा कर उन्हें क्लीन चिट देने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस मामले में प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र भेजा गया है। उनसे जांच रिपोर्ट की प्रति मांगी गई है। सुषमा खर्कवाल, महापौर

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