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प्राइवेट प्रैक्टिस के कारण चिकित्सकों के प्रति सम्मान कम हुआ योगी

राज्य मुख्यालय-विशेष संवाददातामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मरीज और चिकित्सक के बीच भावात्मक संवाद होना चाहिए। हालत यह है कि प्राइवेट प्रैक्टिस को ज्यादा अहमियत देने के कारण डाक्टरों के प्रति जनता में सम्मान कम हुआ है। मुख्यमंत्री ने यह बात रविवार को अपने आवास पर स्माइल मशाल ज्योति आशीर्वाद कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि स्माइल जैसे प्रोजेक्ट समाज के हर वर्ग के चेहरे पर खुशहाली लाने का काम करते है। वहीं एक डॉक्टर के संवेदनशील और मानवीय चेहरे को समाज के सामने भी प्रस्तुत करते हैं। यह पहल चिकित्सक और आमजन के मध्य बाधित हो चुके संवाद को बहाल करने की एक कोशिश भी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवसायिकता के इस दौर में इस संवाद को हमने खोया है। व्यवसायिक दृष्टि के प्रधान होने की वजह से चिकित्सक के प्रति आमजन के मन में सम्मान कम हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्माइल जैसे प्रोजेक्ट समाज के गरीब व्यक्ति के साथ ही हर वर्ग के चेहरे पर खुशहाली लाने का काम करते हैं। एक डॉक्टर के संवेदनशील और मानवीय चेहरे को प्रस्तुत करते हैं। यह पहल चिकित्सक और आमजन के मध्य बाधित हो चुके संवाद को बहाल करने की एक कोशिश है। स्माइल ट्रेन‘ की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे साधनहीन व्यक्ति जो यह नहीं जानता कि जन्मजात विकृत होंठ और तालू के उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है, उस तक पहुंचकर उपचार उपलब्ध कराना इस अभियान का मानवीय पक्ष है। स्माइल ट्रेन और उससे जुड़े चिकित्सकों का कटे होंठ और तालू के साथ जन्म लेने वाले बच्चों के चेहरे पर खुशहाली लाने का कार्य अभिनन्दनीय है। स्माइल अभियान का मुख्य उद्देश्य जन्मजात कटे होंठ और तालू से पीड़ित बच्चों के जीवन में मुस्कान लाना है। स्माइल ट्रेन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. वैभव खन्ना ने अतिथियों का स्वागत किया और एरिया डायरेक्टर रेनू मेहता ने अतिथियों को धन्यवाद दिया।वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, केजीएमयू के कुलपति एमएलबी भट्ट उपस्थित थे।इसलिए कामयाब नहीं होती सरकारी योजनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं के असफल होने के तीन कारण हैं, पहला जब हम किसी योजना की पूरी तैयारी नहीं करते हैं। दूसरा योजना को लेकर जागरुकता का अभाव और तीसरा जो जिम्मेदार लोग होते हैं वे अपने दायित्वों को पूरी तरह से निर्वहन नहीं करते तो योजनाएं असफल हो जाती हैं।

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