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लखनऊ

सिविल: स्ट्रेचर नहीं मिला, पिता बेटी को पीठ पर लादकर भटकता रहा

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Sun, 01 Aug 2021 03:01 AM
सिविल: स्ट्रेचर नहीं मिला, पिता बेटी को पीठ पर लादकर भटकता रहा

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता

सिविल अस्पताल में बदइंतजामी थमने का नाम नहीं ले रही है। मरीजों को व्हील चेयर व स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हो रहा है। बेबस तीमारदार दर्द से छटपटाते मरीजों को गोद में लेकर भटक रहे हैं। उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है।

बिहार निवासी शिवकुमार लखनऊ में मजदूरी करते हैं। दोपहर करीब 12 बजे बेटी रिंकू कुमारी के पेट में भीषण दर्द हुआ। घबराए पिता बेटी को मोटरसाइकिल से लेकर सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। अस्पताल के भीतर पार्किंग भरी थी। गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं बची थी। मजबूरन पिता ने अस्पताल गेट के बाहर गाड़ी खड़ी की। बेटी को गाड़ी पर बिठा दिया। वह स्ट्रेचर के लिए इमरजेंसी में पहुंचे। यहां एक भी स्ट्रेचर व व्हील चेयर नहीं मिली। कर्मचारियों ने पूछताछ भी की। पर, सभी ने पिता की बात को अनसुना कर दिया।

कराहती बेटी का दर्द पिता से देखा नहीं गया। बेबस पिता ने बेटी को पीठ पर लाद लिया। इलाज के लिए भटकता रहा। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने मरीज को ओपीडी में दिखाने की सलाह दी। पिता ओपीडी में गए। वहां भीड़ थी। काफी गुजारिश के बाद रिकूं कुमारी को इलाज नसीब हुआ।

अफसरों की फौज

व्यवस्थाओं को चाक चौबंद बनाने के लिए सिविल अस्पताल में अफसरों की फौज है। निदेशक, सीएमएस, चिकित्सा अधीक्षक, इमरजेंसी ऑफिसर से लेकर तमाम अधिकारी तैनात हैं। फिर भी स्ट्रेचर और व्हील चेयर तक के लिए मरीजों को धक्के खाने पड़ रहे हैं।

लोहिया में गंभीर मरीज को नहीं किया भर्ती

लोहिया संस्थान में गंभीर मरीजों को भर्ती करने में भी डॉक्टर आनाकानी कर रहे हैं। शनिवार को देवरिया से लाए गए गंभीर मरीज सुन्दर देवी को अस्पताल में वेंटिलेटर नसीब नहीं हुआ। निजी एम्बुलेंस से परिवारीजन मरीज को लेकर इमरजेंसी पहुंचे थे। डॉक्टरों ने मरीज को केजीएमयू ले जाने की सलाह दी।

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