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सर्किल मुख्यालय के थानों में तैनात होंगे तीन अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टर

प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए क्षेत्राधिकारी मुख्यालय वाले थानों में प्रभारी इंस्पेक्टर के अलावा तीन अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टरों की तैनाती करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में ऐसे थानों की कुल संख्या 414 है। डीजीपी ओपी सिंह ने गुरुवार को इन सभी थानों में प्रशासन, अपराध व कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी के लिए तीन अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टर तैनात करने का निर्देश दिया है।डीजीपी ने प्रदेश के सभी पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया है कि क्षेत्राधिकारी मुख्यालय के थानों पर प्रभारी इंस्पेक्टर के संपूर्ण पर्यवेक्षण में अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टर (प्रशसन), अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टर (अपराध) और अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टर (कानून-व्यवस्था) की नियुक्ति की जाए। इस नियुक्ति में यह ध्यान रखा जाए कि प्रभारी इंस्पेक्टर वरिष्ठता सूची के अनुसार वरिष्ठतम होना चाहिए। यदि किसी थाने में तीन से कम अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टर की नियुक्ति की जाती है तो प्रभारी इंस्पेक्टर अपने पर्यवेक्षण में नियुक्त इंस्पेक्टरों को अतिरिक्त कार्यभार दे सकते हैं। डीजीपी ने प्रभारी इंस्पेक्टर के अलावा तीनों अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टरों के दायित्वों का भी निर्धारण कर जोन एवं रेंज स्तर पर प्रभारी पुलिस अधिकारी को इस व्यवस्था की बारीकी से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य दायित्व प्रभारी इंस्पेक्टर को : नए दिशा-निर्देश में मुख्य दायित्व प्रभारी इंस्पेक्टर को ही दिए गए हैं। प्रभारी इंस्पेक्टर को तीनों अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टरों एवं एसएसआई के कार्यों के संपूर्ण पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। उन पर विभागीय पत्राचार के अलावा गंभीर अपराधों के घटनास्थल के निरीक्षण, मुकदमों के पंजीकरण तथा अति महत्वपूर्ण व जघन्य अपराधों की विवेचना, कर्मचारियों के अवकाश प्रार्थना पत्रों के निस्तारण, जन सुनवाई तथा थाने के मालखाने के प्रभार के अलावा महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव की जिम्मेदारी होगी। अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टर (प्रशासन) के जिम्मे संपूर्ण प्रशासन एवं आंकिक कार्य, जीपी लिस्ट एवं थाने से संबंधित स्थापना कार्य, लोक शिकायत प्राप्त करना एवं उनका निस्तारण करना, मानव संसाधन प्रबंधन एवं अनुशासन, थाना परिसर व पुलिस कर्मियों के आवास के अनुरक्षण समेत कई कार्य होंगे। अपराधियों के डोजियर के रखरखाव की जिम्मेदारी भी होगी : अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टर (अपराध) के जिम्मे अपराध से संबंधित सभी मामलों की जिम्मेदारी, अपराध संबंधी सभी रिपोर्ट भेजने, मुकदमा दर्ज करने को छोड़कर सीसीटीएनएस योजना के तहत सभी कार्यों का समय से डिजिटलीकरण कराने, अपराधों एवं यूपी 100 की समीक्षा करने, चुनावी अपराधों की रोकथाम की कार्ययोजना, सभी प्रकार के गंभीर अपराधों के घटनास्थल का निरीक्षण एवं सुरक्षा प्रदान करने, साइबर अपराधों की विवेचना करने तथा अपराधियों के डोजियर के रखरखाव की जिम्मेदारी भी होगी। अतिरिक्त प्रभारी इंस्पेक्टर (कानून-व्यवस्था) के जिम्मे थाना क्षेत्र से संबंधित कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी, अपराध की रोकथाम के लिए विभिन्न ड्यूटियों के लिए पुलिस पार्टियों का व्यवस्थापन करने, यातायात व्यवस्था, बीट पेट्रोलिंग व नाकाबंदी बंदोबस्त करने, एंटी रोमियो स्क्वायड की निगरानी करने, प्राकृतिक आपदा के अलावा जुलूस, धरना-प्रदर्शन, त्योहार व धार्मिक आयोजनों के अवसर पर पुलिस व्यवस्थापन, ड्यूटी निर्धारण, नियमित चेकिंग तथा यूपी 100 की गाड़ियों के प्रबंधन व रखरखाव की जिम्मेदारी भी होगी।

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  • Web Title:Circle headquarters will be stationed in three additional charge inspectors