भगवान परशुराम की जयंती मनी, आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प
भगवान परशुराम जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। सम्मान समारोह में वक्ताओं ने कहा कि शस्त्र और शास्त्र का समन्वय राष्ट्र की असली शक्ति है। आयोजनों में मानवता और समाज की एकता पर जोर दिया गया।

शहर भर में भगवान परशुराम जयंती पर कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। मंदिरों से अपार्टमेंट तक जय परशुराम के जयघोष गूंजे। पूजन-अर्चन तथा भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। लोगों ने कहा कि शस्त्र और शास्त्र का समन्वय ही राष्ट्र की असली शक्ति है। कई जगह सम्मान समारोह भी हुए। वृंदावन स्थित हिमालय एन्क्लेव (फेज एक और दो) के क्लब हाउस में भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर भारत की वर्तमान परिस्थितियों में भगवान परशुराम के आदर्शों का महत्व विषयक विशेष बौद्धिक संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण उत्कर्ष परिषद् के अध्यक्ष शिव मिश्रा ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक कालखंड के योद्धा नहीं, बल्कि एक अक्षय चेतना हैं।
बताया कि कैसे परशुराम जी ने हजारों साल पहले नारी-जागृति और प्रकृति संरक्षण की सुदृढ़ नींव रखी थी। परिषद् की महिला प्रकोष्ठ की डॉ. गोमती द्विवेदी, हिमालय आरडब्लूए के अध्यक्ष राममोहन अग्रवाल, डॉ. वीके गुप्ता, डॉ. पीके गुप्ता, शैलेश बाजपेयी, इंदु द्विवेदी, रुचि शर्मा, प्रदीप शर्मा, अनीता शर्मा, अशोक श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव आदि रहे।मानवता व सर्व समाज सबसे बड़ा धर्मसंयुक्त उद्योग व्यापार मंडल राजाजीपुरम की ओर से सर्व समाज के व्यापारियों ने भगवान परशुराम जयंती एवं अक्षय तृतीया धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सभी धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु विभिन्न अवतारों में अवतरित होकर धर्म की स्थापना और अधर्म का विनाश करते हैं। भगवान परशुराम इसी परंपरा के महान प्रतीक हैं। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजनी कुमार पांडे ने कहा कि मानवता और सर्व समाज ही सबसे बड़ा धर्म है। जब तक समाज के सभी वर्ग एकजुट नहीं होंगे, तब तक किसी भी व्यक्ति का जीवन पूर्ण नहीं हो सकता। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी प्रवीण मणि त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव द्विवेदी, लखनऊ जिला मीडिया प्रभारी अनुपम सिंह भदौरिया, जिला महासचिव अनुपम सिंह, जिला सचिव अवधेश गुप्ता, प्रदीप शुक्ला, वीरेंद्र शुक्ला, रवि दुबे, कर्मवीर सिंह, सुनील गुप्ता आदि रहे।सनातन के ध्वजवाहकों का सम्मानभगवान परशुराम जयंती पर भगवत चर्चा को जन-जन तक पहुंचाने वाले सनातन धर्म के ध्वजवाहकों का पूजन एवं सम्मान किया गया। रविवार को विधायक डॉ. नीरज बोरा एवं वत्सल बोरा ने पुरनिया स्थित कार्यालय में भगवान परशुराम का विधिवत पूजन-अर्चन कर ब्राह्मण समाज के आचार्यों एवं विद्वानों से आशीर्वाद प्राप्त किया। डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि सनातन परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने में आचार्यों, संतों और विद्वानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कार्यक्रम में सीतावल्लभ कुंज अयोध्या धाम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के स्वामी ब्रम्हेश महाराज, विंध्याचल मंदिर के आचार्य सूर्य कुमार तिवारी, नागेश्वर मंदिर के प्रधान पुजारी रामनारायण मिश्र, सतीश मिश्र, कृपाशंकर मिश्र, शैलेन्द्र शर्मा अटल, प्रदीप मिश्र, लवकुश त्रिवेदी, अनुज द्विवेदी, दयाशंकर पाण्डेय, पं. नवल किशोर त्रिपाठी, कृपाशंकर मिश्र आदि रहे।भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्पभगवान परशुराम जयंती पर भाजपा उत्तर मंडल चार की ओर से श्रीनगर कालोनी स्थित परशुराम मंदिर में पूजन-अर्चन तथा भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। यहां मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र मौर्य, मंडल महामंत्री विनोद अवस्थी, गीतेश मिश्र राहुल, अशोक द्विवेदी, सुनीत तिवारी, परशुराम अवस्थी, नैनशु मिश्रा, उमेशचंद्र मिश्रा, उमाकांत शुक्ला, अनुज बाजपेई, पुनीत मिश्रा, अंश दीक्षित, प्रमोद अवस्थी, अशोक शुक्ला आदि रहे। कार्यक्रम समापन पर प्रसाद वितरण हुआ।आदर्श समाज के प्रेरणास्रोत भगवान परशुरामकृष्णा नगर स्थित सहसोवीर मंदिर में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव एवं मंदिर निर्माण के पांच साल होने पर भजन संध्या एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति की ओर से हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन हुआ। पूर्व मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि भगवान परशुराम जी के आदर्शों-धर्म, साहस और न्याय को समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। यहां पर महापौर सुषमा खर्कवाल, बीबीडी ग्रुप से अलका दास, मयंक जोशी, निर्मला पंत, ऋचा जोशी, रेणुका टंडन आदि रहे।प्राकट्य दिवस समारोह मनायाओम ब्राह्मण महासभा की ओर से चिरंजीवी भगवान परशुराम का प्राकट्य दिवस समारोह मनाया गया। अखण्ड रामायण का शुभारंभ महासभा की राष्ट्रीय संरक्षक नम्रता पाठक और छठ पूजा एवं सांस्कृतिक उत्थान समिति के अध्यक्ष त्रिकोणेश्वर महादेव मंदिर के संस्थापक सेवादार अवधेश नरायन राय ने किया। इस मौके पर गोमती आरती संयोजिका शोभा द्विवेदी, महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनंजय द्विवेदी आदि रहे।
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