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सीबीआई को मिली दोनों पुलिसकर्मियों की कस्टडी रिमांड

सीबीआई कोर्ट की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट विनीता सिंह ने उन्नाव के बहुचर्चित रेप एवं हत्याकांड में गिरफ्तार पूर्व थानाध्यक्ष अशोक सिंह भदौरिया और सब इंस्पेक्टर कामता प्रसाद सिंह को गुरुवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उन्होंने सीबीआई की ओर से पेश की गई दोनों को कस्टडी रिमांड पर लेने की अर्जी भी मंजूर कर ली।

मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने बुधवार को दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों घटना से संबंधित उन्नाव के माखी थाने में तैनात रहे हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। सीबीआई ने दोनों पर रेप पीड़िता के पिता को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने, साक्ष्य मिटाने और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया हुआ है। सीबीआई को विवेचना के दौरान दोनों के खिलाफ प्रारंभिक सुबूत मिले। पता चला कि दोनों पुलिसकर्मियों ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के इशारे पर उनके भाई अतुल सिंह सेंगर को बचाने के लिए पीड़िता के पिता को ही मारपीट के मामूली से मुकदमे में जेल भेज दिया था। पीड़िता और उसके चाचा पहले से यह आरोप लगाते आ रहे हैं कि माखी पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। थाने और एसपी के स्तर पर सुनवाई न होने के कारण ही उन्हें मुख्यमंत्री आवास पर जाना पड़ा था।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान गिरफ्तार पुलिसकर्मियों की तरफ से जमानत पर सुनवाई की अर्जी दी गई। इस अर्जी पर 21 मई को सुनवाई होगी। सीबीआई की कस्टडी रिमांड 18 मई को सुबह 10 बजे से शुरू होकर 20 मई तक रहेगी। इस दौरान सीबीआई दोनों अभियुक्तों से घटना के संबंध में और जानकारी हासिल करने की कोशिश करेगी।

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  • Web Title:CBI got custody remand