सीबीआइ ने वाप्कोस के परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे को 10 लाख की घूसखोरी में किया गिरफ्तार

Feb 21, 2026 08:39 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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Lucknow News - नोट : खबर लखनऊ, वाराणसी, देवरिया व गाजीपुर के लिए महत्वपूर्ण --------- - भुवनेश्वर

सीबीआइ ने वाप्कोस के परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे को 10 लाख की घूसखोरी में किया गिरफ्तार

- लखनऊ, गाजीपुर, देवरिया व भुवनेश्वर में छापेमारी - हवाला के जरिए भी होना था लेनदेन लखनऊ, विशेष संवाददाता सीबीआई ने भुवनेश्वर में ठेका दिलाने के बदले घूसखोरी के मामले में वाप्कोस लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे व ठेकेदार बबलू सिंह यादव समेत पांच को लखनऊ से 10 लाख रुपये के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने लखनऊ स्थित चार ठिकानों समेत गाजीपुर, देवरिया व भुवनेश्वर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है। सूत्रों के अनुसार इनमें पंकज दुबे का देवरिया तथा बबलू सिंह का गाजीपुर स्थित आवास भी शामिल है। आरोपितों के कब्जे से 10 रुपये की एक नोट भी मिली है।

आशंका है कि हवाला के जरिए और रकम का लेनदेन भी होना था। मामले की छानबीन जारी है। सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने पंकज दुबे समेत आठ नामजद व अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है। वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (वाप्कोस लिमिटेड) जल, विद्युत व इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम करने वाला केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। भुवनेश्वर स्थित वाप्कोस के परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे के विरुद्ध भ्रष्टाचार की शिकायत पर सीबीआई ने अपना जाल बिछाया था। आरोप है कि निर्माण कार्यों के ठेके दिलाने तथा स्वीकृति पत्र (एलओए) जारी करने के बदले अवैध वसूली की जा रही थी। वाप्कोस का कारपोरेट कार्यालय गुरुग्राम तथा क्षेत्रीय/परियोजना कार्यालय जयदेव विहार भुवनेश्वर में है। पंकज दुबे परियोजना प्रबंधक के रूप में निविदाएं जारी करने, स्वीकृति पत्र जारी करने और ठेकेदारों के बिलों के भुगतान की स्वीकृति देने के लिए उत्तरदायी हैं। गाजीपुर निवासी ठेकेदार बबलू सिंह यादव एम/एस एकाना एंटरप्राइजेज का संचालन करते हैं। सीबीआई के अनुसार बबलू यादव ने रामेश्वर चतुर्वेदी के साथ मिलकर रायगढ़ा स्थित इमली प्रसंस्करण इकाई के निर्माण के लिए जारी निविदा में भाग लिया था और ठेका हासिल करने के लिए डील हुई थी। सीबीआई ने बबलू सिंह के चालक शुभम कुमार पाल, राजेश कुमार सिंह व राहुल वर्मा को भी गिरफ्तार किया है। लखनऊ में गोमतीनगर विस्तार, सुशांत गोल्फ सिटी व आशियाना क्षेत्र स्थित आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। ------- गाजीपुर से लखनऊ पहुंचाए गए थे 25 लाख जांच में सामने आया कि बबलू सिंह की फर्म को 13 जनवरी को रायगढ़ा इमली प्रसंस्करण इकाई निर्माण का लगभग 11.81 करोड़ रुपये का ठेका मिला था और उसी दिन स्वीकृति पत्र जारी हुआ था। आरोप है कि लगभग 13 प्रतिशत कमीशन की डील हुई थी और छह प्रतिशत का अग्रिम भुगतान हवाला के माध्यम से वाराणसी में होना था। बाद में 25 लाख रुपये गाजीपुर से लखनऊ पहुंचाए गए थे, जो राहुल वर्मा को सौंपे जाने थे। ----- हर काम के लिए तय था घूस का रेट आरोप है कि पंकज दुबे ठेकों में धांधली के बदले बी भूटिया और अभिषेक ठाकुर के जरिए वसूली करता था। ठेका दिलाने के लिए निविदा राशि का चार से छह प्रतिशत तक, स्वीकृति पत्र (एलओए) जारी करने के लिए चार प्रतिशत तथा बिल पास करने के लिए तीन प्रतिशत की वसूली की जाती थी। अभिषेक ठाकुर ठेकेदार से डील करता था, जबकि बी भूटिया की भूमिका निविदा प्रक्रिया व बिलों के अनुमोदन में गड़बड़ी की थी। ----- भाई के जरिए देवरिया में जुटा रहा था संपत्ति सीबीआई की जांच में सामने आया है कि परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे का भाई पवन दुबे काली कमाई को देवरिया में संपत्ति खरीदने और निर्माण कार्यों में लगाने में सहयोग करता था। काली कमाई के प्रबंधन में पंकज का करीबी राहुल वर्मा भी शामिल था। आरोप है कि बिचौलिया गोपाल मिश्रा उत्तर प्रदेश व दिल्ली एनसीआर के ठेकेदारों की व्यवस्था करता था तथा परियोजना संबंधी जानकारियां देकर उनकी डील पंकज दुबे से कराता था। इसके बदले उसे निविदा राशि का लगभग एक प्रतिशत हिस्सा मिलता था।

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