Careless nickel driver in uncontrollable bus investigation case - बेकाबू बस जांच मामले में लापरवाह निकला ड्राइवर DA Image

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बेकाबू बस जांच मामले में लापरवाह निकला ड्राइवर

वाहन व दुकान क्षतिग्रस्त में 50 हजार रुपए का आएगा खर्च

कैसरबाग बस डिपो के एआरएम ड्राइवर के वेतन से करेंगे रिकवरी

लखनऊ। निज संवाददाता

बेकाबू रोडवेज बस की जांच में ड्राइवर लापरवाह निकला। ब्रेक फेल होने की आंशका पर गोमतीनगर स्थित कार्यशाला के तकनीकी कर्मियों ने शनिवार को बस की जांच की। जांच में ब्रेक सिस्टम सही मिला। ऐसे में डिपो से बस निकालते समय ड्राइवर ने लापरवाही बरती। जल्दबाजी में बस का ब्रेक दबाने के बजाए एक्सिलेटर पर पैर दबने से बस अनियंत्रित होने की बात सामने आयी। इस मामले में क्षतिग्रस्त वाहन और दुकान पर 50 हजार रुपए खर्च की गणना की गई है। इन बसों की रिकवरी अब कैसरबाग बस डिपो के एआरएम चालक से करेंगे।

बीते शुक्रवार को कैसरबाग बस डिपो से गाड़ी निकालते समय अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर दौड़ गई। जिससे तीन दो पहिया वाहन और दुकाने क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी मालिकों और दुकानदारों के विरोध करने पर डिपो के एआरएम अमरनाथ सहाय ने वाहन और दुकान बनवाने की बात स्वीकार करने पर मामला शांत हुआ था। अधिकारी बतातें है कि चालक रामफल पांडेय की चूक से यह हादसा हुआ है। ऐसे में जिन गाड़ियों को नुकसान हुआ है, उनकी वसूली उसके वेतन से की जाएगी।

क्या कहते हैं डिपो के चालक

कैसरबाग डिपो के चालक बतातें है कि वर्कशॉप से बसों को निकालना आसान नहीं है। गेट के बाहर खड़ी गाड़ियों को बचाने के चक्कर आए दिन छुटपुट टक्कर होते है। ऐसे अवैध पार्किंग से बस डिपो से निकलना किसी खतरे से कम नहीं है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद कैसरबाग के अध्यक्ष रजनीश मिश्रा बतातें है कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं। जब तक डिपो के सामने बीच सड़क पर वाहनों की पार्किंग नहीं हटेंगी तब तक डिपो बस निकलने पर खतरा बना रहेगा।

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