
टैरिफ जारी होते ही बदल जाएंगे आंकड़े, रद्द करें निजीकरण का प्रस्ताव
संक्षेप: Lucknow News - - राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में दाखिल किया लोक महत्व का प्रस्ताव
पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के प्रस्तावित निजीकरण को रद्द करने की मांग के साथ नियामक आयोग में सोमवार को लोकमहत्व का प्रस्ताव दाखिल किया गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रस्ताव में कहा है कि जैसे ही नई दरें जारी होंगी और अगले साल के लिए राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव दाखिल होगा तो पुराने आंकड़े बदल जाएंगे। ऐसे में पुराने आंकड़ों पर तैयार पिछले प्रस्ताव का कोई औचित्य ही नहीं बचेगा। नई दरें जारी होनी हैं और अगले साल के लिए प्रस्ताव 30 नवंबर तक दाखिल होने हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अब बिजली की नई दरें आने वाली हैं।

सभी वित्तीय आंकड़े बदल जाएंगे। पुराने आंकड़ों पर निजीकरण के मसौदे पर आयोग को विधिक राय देना उचित नहीं होगा। पिछले साल बिजली कंपनियों द्वारा दाखिल एआरआर पर लोक सुनवाई हो चुकी है। राज्य सलाहकार समिति की बैठक समेत सभी नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। इस पूरी प्रक्रिया में 120 दिनों की मियाद पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक दरें जारी नहीं हुई हैं। परिषद ने जल्द दरें जारी करने की भी मांग इसी प्रस्ताव में की है। अवधेश ने कहा कि पहले जो प्रस्ताव सरकार की तरफ से नियामक आयोग को भेजा गया था, उसमें तमाम खामियां बताते हुए आयोग ने वह मसौदा सरकार को वापस कर दिया था। पांच महीने बीत गए लेकिन सरकार ने आपत्तियों पर स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

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