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Budh purnima 2019: जानिए बुद्ध के जीवन से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण घटनाएं 

Budh purnima 2019: सुखदायक है बुद्ध का जन्म, सुखदायक है सद्कर्म उपदेश, संघ में एकता सुखदायक है और सुखदायक है एकतायुक्त होकर तप करना...कुछ इसी तरह से गौतम बुद्ध के उपदेशों को बताते हैं लाटूश रोड स्थित बुद्ध मंदिर के भंते विश्वजीत। शनिवार को बुद्ध पूर्णिमा है और इस विशेष अवसर पर भगवान बुद्ध के संदेश अवश्य याद आते हैं, जिनमें उन्होंने कहा कि, हालात कैसे भी हों, तीन चीजें कभी छुप नहीं सकतीं...वे हैं सूर्य, चन्द्रमा और सत्य...। उनके बताए रास्ते पर चलने वाले अनुयायी राजधानी में धूमधाम से उनका जन्मोत्सव मनाएंगे। घरों में भगवान बुद्ध की पूजा होगी और खीर का प्रसाद बंटेगा। 

बुद्ध वंदना व जनसभा : बुद्ध विहार महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से रिसालदार पार्क बुद्ध विहार में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सुबह 8 बजे से कार्यक्रम आयोजित होंगे। अट्ठसील उपोसथ धारण, बुद्ध वंदना, ध्यान भावना, तिसरण पंचशील, बुद्ध वंदना, परित्ताण पाठ, भोजन दान संग बुद्ध वंदना की जाएगी।

भजन संध्या का आयोजन : सनातन महासभा की ओर से 55वीं आदि गंगा मां गोमती महाआरती संग बुद्ध पुर्णिमा धूमधाम से मनाई जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण ने बताया कि इस बार हरिद्वार की तर्ज पर 11 मंचों से शंखनाद, मंगलाचरण संग भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मेधावी छात्रों को सम्मानित भी किया जाएगा। आलमबाग से भगवान बुद्ध की भव्य झांकी निकाली जाएगी। 

एक ही दिन जन्म, ज्ञान और मोक्ष मिला
बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। भंते ज्ञानालोक ने बताया कि इस दिन बुद्ध का जन्म हुआ, उनको ज्ञान की प्राप्ति हुई और मोक्ष भी इस दिन मिला। 

अनमोल हैं बुद्ध के उपदेश 
बुद्ध की विचारधारा मध्यमवर्ग की है जिसमें उन्होंने संतुलन बनाकर अपने वचनों को उजागर किया है। धम्मपद ग्रंथ में इंगित उनकी विचारधारा साफ छलकती है। उसमें लिखा है कि ‘सभी प्रकार के पापों को न करना और कुशल कर्मों का पालन करना ही चित्त को परिशुद्ध करना है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन दुलर्भ है और उससे भी दुलर्भ है मनुष्य होकर जीना। 

श्रद्धालुओं की बात

इस दिन सुबह से ही उनके उपदेशों का स्मरण करता हूं। जनसभा, दान, धर्म सभा में उनके उपदेशों को जनता तक पहुंचाने का काम करता हूं।
भंते ज्ञानालोक, अध्यक्ष बुद्ध विहार

सुबह मंदिर में दर्शन के बाद गरीबों को भोजन कराता हूं। इसके साथ दिनभर उनके उपदेशों को पढ़ता हूं। इससे काफी प्रेरणा मिलती है। 
नथुलाल, गोमतीनगर 

बुद्ध पूर्णिमा से एक दिन पहले घर में परित्राण पाठ का आयोजन कराता हूं। 12 बजे से पहले भिक्षुओं को भोजन कराता हूं। पिछले 27 सालों से ऐसा कर रहा हूं। राजेश, गोमतीनगर

 सुबह पूजा के बाद विशेष प्रसाद अर्पित कर परित्राण का पाठ करती हूं। बुद्ध विहार जाकर भिक्षुओं को भोजन कराते हैं।
मानसी सुदर्शन, दुबग्गा 

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  • Web Title:Budh purnima 2019: Know the three important events related to Buddhas life