भाई दूज पांच को, दोपहर बाद मुहूर्त
Lucknow News - भाई दूज का पर्व भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम का प्रतीक है, जो हर साल दो बार मनाया जाता है। इस साल होली के बाद भाई दूज 5 मार्च को मनाया जाएगा। बहनें अपने भाइयों को तिलक करके उनकी सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं।

भाई बहन के बीच अटूट प्रेम का प्रतीक भाई दूज का पर्व हर साल दो बार मनाया जाता है। पहला भाई दूज होली के बाद और दूसरा दीपावली के दो दिन बाद मनाया जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इसे भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है। इस साल द्वितीया तिथि दो दिन होने की वजह से होली वाले भाई दूज की तिथि को लेकर काफी असमंसज की स्थिति बनी हुई है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि द्रिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि चार मार्च की शाम 04:48 बजे से आरंभ होकर पांच मार्च की शाम 05:03 बजे समाप्त हो रही है।
ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से होली की भाई दूज पांच मार्च को मनाई जाएगी। भाई को तिलक करने का शुभ मुहूर्त पांच मार्च गुरुवार की दोपहर 01:17 से 03:31 बजे तक का है। आचार्य पं. आनंद दुबे और ज्योतिषाचार्य पं. रवि प्रकाश मिश्रा ने बताया कि भाई दूज के दिन बहन अपने भाई को तिलक लगाकर उसके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं।
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