हर उम्र की महिलाओं को स्तन कैंसर का खतरा
-20 की उम्र पार करने के बाद हर साल कराएं जांच -कैंसर संस्थान के डॉक्टरों

लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।
स्तन कैंसर केवल अधिक उम्र की महिलाओं में होता है, यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। 20 वर्ष की उम्र के बाद से ही महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा मौजूद रहता है। उम्र बढ़ने के साथ इसका जोखिम बढ़ता जाता है। यह जानकारी कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में पब्लिक हेल्थ विभाग के अध्यक्ष डॉ. आयुष लोहिया ने दी।
स्तन कैंसर पर कार्यशाला
वह शुक्रवार को टूडियागंज स्थित सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र में स्तन कैंसर पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। डॉ. आयुष लोहिया ने कहा कि शुरुआती चरण में स्तन कैंसर के लक्षण बेहद सामान्य होते हैं। जिसके कारण महिलाएं अक्सर उन्हें नजरअंदाज कर देती हैं। स्तन में छोटी गांठ, आकार में बदलाव, त्वचा पर सिकुड़न जैसे संकेत शुरुआत में बिना दर्द के भी दिखाई दे सकते हैं।
जीवनशैली के प्रभाव
उन्होंने कहा कि जीवनशैली में बदलाव ने इस बीमारी के मामलों को बढ़ाया है। देर से शादी, स्तनपान की कमी, मोटापा, तनाव और फास्ट फूड का अधिक सेवन इसके जोखिम कारक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि 20 साल की उम्र के बाद हर महिला को स्वयं स्तन की जांच की आदत डालनी चाहिए। किसी भी बदलाव पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। कार्यक्रम में सीएचसी टूडियागंज की अधीक्षक डॉ. गीतांजलि सिंह, नर्सिंग ऑफिसर श्वेता एवं पूजा पाल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
स्तन कैंसर की आशंका बढ़ाते ये कारण
अनियमित जीवनशैली, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी और पारिवारिक इतिहास भी इस बीमारी के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
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