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एक चम्मच प्याज का रस, शहद मिलाकर पीने से दूर रहेगा ब्लड प्रेशर

- बलरामपुर अस्पताल में मरीजों की ओपीडी में होगी नि:शुल्क बीपी जांच

- हल्का भोजन, तुलसी, अदरख, लहसुन आदि खाने से बीपी से मिलेगी राहत

लखनऊ। निज संवाददाता

एक चम्मच प्याज का रस और थोड़ा शहद मिलाकर एक सप्ताह तक दिन में एक बार पीने से ब्लड प्रेशर की समस्या दूर होगी। इसके अलावा लहसुन की तीन-चार कली व 10-12 तुलसी की पत्ती और थोड़ी सी गेहूं की घास का रस निकाल लें। इसको दिन में एक बार पिएं। लहसुन खाने से पल्स की गति नियंत्रित होती है। हृदय गति भी संतुलित रहती है। यह जानकारी आयुर्वेद डॉ. प्रताप चौहान ने दी। विश्व हाइपरटेंशन डे पर राजधानी में शुक्रवार को विभिन्न आयोजन हुए।

तुलसी, अजवाइन का करें प्रयोग

हजरतगंज में जीवा आयुर्वेदिक के निदेशक डॉ. प्रताप ने बताया कि समान मात्रा में सौंफ, जीरा और धनिया पानी में उबालकर एक कप पीने से भी बीपी में आराम मिलता है। प्राथमिक विद्यालय मितौली में स्वास्थ्य शिविर लगा। उप्र. राज्य आयुष सोसाइटी एवं क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. सुनीता सिंह, समेसी प्रभारी डॉ. बृजेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने शिविर में स्कूली बच्चों समेत 158 मरीजों का स्वास्थ्य जांच की। लोगों को जागरुक किया कि गर्मी में बीमारी से बचने के लिए तुलसी, अदरख, हींग, अजवाइन, हल्दी का उचित मात्रा में प्रयोग करना चाहिए। शिविर में शिक्षामित्र राधेश्याम, जगदंबा, संतोष का विशेष योगदान रहा।

बलरामपुर में नि:शुल्क होगी बीपी की जांच

बलरामपुर अस्पताल में शुक्रवार से ओपीडी में रोजाना मरीजों, तीमारदारों की बीपी की नि:शुल्क जांच की जाएगी। निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि बीपी जांचने के लिए पर्चे की भी जरूरत नहीं होगी। तीन मशीन ओपीडी में पर्चा काउंटर के पास और एक एनसीडी सेल में लगाई गई है। कलाई पर बांधकर इस मशीन से जांच की जाती है। शुक्रवार को 500 लोगों की बीपी जांच हुई। इसमें सामान्य दिख रहे 58 लोगों को बीपी की समस्या था, जबकि 10 लोगों को 200 से ऊपर बीपी था। बलरामपुर के डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ ने अस्पताल और डफरिन में हाइपरटेंशन जागरुकता रैली निकाली। एक सीएमई में डॉ. एसके यादव ने बचाव और इलाज के तरीके पर प्रकाश डाला। इस मौके पर डॉ. राजीव लोचन, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. हिमांशू चतुर्वेदी, डॉ. एमएच उस्मानी, डफरिन की सीएमएस डॉ. लिली सिंह, वरिष्ठ फार्मासिस्ट एसएम त्रिपाठी, वीपी सिंह, मौजूद रहे। वहीं, पोस्टर प्रतियोगिता में डॉ. तब्बसुम प्रथम, डॉ. अंशु गुप्ता द्वितीय व डॉ. नसरीन फातिमा तीसरे स्थान पर रहीं।

विश्व में 70 लाख लोगों की मौत

कानपुर रोड स्थित सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डॉ. अंकुर अग्रवाल ने बताया कि दुनिया में हाइपरटेंशन से हर साल 70 लाख लोगों की मौत होती है। हाई बीपी बच्चों, बूढ़े, स्त्री व पुरुष सभी को प्रभावित करता है। अधिक वजन और मोटे लोगों में ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन की बीमारी ही नहीं बल्कि हृदय, गुर्दा व रक्त नलिकाओं में इंफेक्शन की बीमारी भी होती है। मोटापे के कारण ही उच्च रक्तचाप ज्यादा फैलता है। अपोलो मेडिक्स के चेयरमैन कॉर्डियोलॉजी डॉ. सुशील गट्टानी ने बताया कि हाइपरटेंशन किसी को भी हो सकता है। प्रतिस्पर्धा की इस दौड़ में छात्र-छात्राएं, नौकरी पेशा वाले इंसान समेत हर कोई स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह है। इससे बचने के लिए दूध-दही, मौसमी फल, हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

साइलेंट किलर है बीपी

राजधानी के सभी अस्पतालों के साथ सीएचसी, पीएचसी में भी सीएमओ के निर्देश पर हाइपरटेंशन से बचाव, इलाज की जानकारी दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि बीपी साइलेंट किलर कहा जाता है। क्योंकि यह बिना किसी चेतावनी, संकेत, लक्षण के हो सकता है। इसलिए 30 वर्ष की उम्र से सभी को ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए। वसा वाली चीजों से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा अनंत फाउंडेशन की ओर से होम्योपैथिक इलाज विषय पर गर्मी में होने वाली बीमारियों और तनाव से दूर रहने पर संगोष्ठी का आयोजन पेपर मिल कॉलोनी एमकेएसडी इंटर कॉलेज में हुई। यहां बताया गया कि गर्मी में ताजा, हल्का भोजन, मौसमी फल का सेवन जरूर करना चाहिए। केंद्रीय होम्योपैथिक परिषद के पूर्व सदस्य डॉ. अनुरूद्ध वर्मा, प्राचार्य आरबी सिंह, डॉ. एसडी सिंह, डॉ. अशोक वर्मा, डॉ. संदीप अग्रवाल, राजीव मोहन, पीके दुबे आदि ने संबोधित किया।

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