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मैनेजर की धमकी: 'काम पर नहीं आए तो नौकरी से छुट्टी समझो, फिर उन्हें ले गई मौत'

वह बुखार में तप रहे थे। दवा खाकर लेटे थे, तभी होटल से बुलावा आ गया। उन्होंने तबीयत का हवाला देकर छुट्टी की मिन्नत की। पर, मैनेजर नहीं माना। उसने धमकाया. अगर काम पर नहीं आए तो नौकरी से छुट्टी ही समझो। नौकरी बचाने के खातिर उन्हें जाना पड़ा।

साहब! इसी तरह मौत उन्हें बुलाकर ले गई। इतना कहते हुए राम कुमार की पत्नी पिंकी फफक कर रो पड़ी। कुछ ऐसा ही दर्द हादसे का शिकार अन्य तीन कर्मचारियों के परिवार ने बयां किए। केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस पर शनिवार दोपहर एक साथ चार लाशें पहुंची। उनके पीछे रोते-बिलखते परिवारीजन थे। लेकिन वहां होटल का कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं आया।

घर वालों का आरोप है कि होटल में कुछ गलत काम होते हैं। रामकुमार, राम नरेश, मोहम्मद निहाल और मोहम्मद सईद को फोन करके जबरदस्ती बुलाया गया। मरने वाले अपने परिवार के इकलौते कमाई का जरिया थे।

पति को ड्यूटी जाने से रोका था-
विकासनगर के सेक्टर 12 स्थित झोपड़-पट्टी में रहने वाले राम नरेश शुक्रवार दोपहर गांव से राशन लेकर लौटा था। परिवार में पत्नी नीलम और बेटा करन व दिव्यांशी है। रात में फोन आने पर नीलम ने ड्यूटी न जाने की जिद की। लेकिन नौकरी का हवाला देकर राम नरेश ड्यूटी पर चला गया। पति की मौत की खबर सुनकर नीलम बेहोश हो गई। दो माह पहले ही उसकी बड़ी बेटी चांदा की मौत हो चुकी है।

रात भर जागते हुए इंतजार किया-
नीलम ने बताया कि पहली बार राम नरेश के ड्यूटी जाने पर वह काफी परेशान थी। राम नरेश रात आठ बजे चला गया। उसने करीब 9:30 पति को फोन करके हाल-चाल लिए। इसके बाद नीलम ने करीब 11:30 बजे राम नरेश के मोबाइल पर फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। फिर उसने करीब डेढ़ बजे फोन किया। इस बार भी उसका फोन रिसीव नहीं हुआ। रात भर वह जागकर सुबह होने का इंतजार करती रही। सुबह होटल से दो कर्मचारी उसकी घर पहुंचे और मनहूस खबर दी। मौत की खबर सुनते ही कोहराम मच गया।

पत्नी को मायके ले जाने का किया था वादा-
चांदन गांव निवासी मोहम्मद निहाल के चेहरे पर खून देखकर परिवारीजनों ने हत्या का आरोप लगाया। वर्ष 2011 में नेहाल का निकाह खुशनूद के साथ हुआ था। उसका एक बेटा अरशान है। घर वालों ने बताया कि निहाल की दिन में ही ड्यूटी रहती थी। शुक्रवार रात उसे फोन करके बुलाया गया था। उसने खुशनूद से कहा था कि शुक्रवार को नाइट शिफ्ट करने के बाद शनिवार को छुट्टी ले लेगा। उसे और बच्चे को लेकर हुसैनाबाद स्थित मायके ले जाने का भी वादा किया। शनिवार सुबह पति की मौत की खबर सुनते ही खुशनूद बेहोश हो गई। निहाल के परिवार में बड़े भाई इफ्तिखार और छोटा भाई नियाज है। नियाज का कहना है कि निहाल के चेहरे पर जिस तरह खून के धब्बे पड़े थे। इससे साफ जाहिर होता है कि हत्या के वक्त उसने संघर्ष किया था। बेटे की मौत की खबर सुनते ही बुजुर्ग मां इशरत जहां बेतहाशा रोने लगी। लोगों ने उन्हें सम्भालने की कोशिश की।
 

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  • Web Title:boss threat their co worker because he did not come office in lucknow