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एक नहीं सौ सुधा पैदा हो सकती हैं : सुधा सिंह

One, no, hundred

गोमतीनगर में केडीआर समूह व साहस स्पोर्ट्स अकादमी की तरफ से बुधवार को एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली सुधा सिंह का अभिन्दन समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन में सुधा सिंह ने कहा कि जब उन्होंने ग्वांगझू एशियाई खेल 2010 में स्वर्ण पदक जीता था तब इतना स्वागत नहीं हुआ था। राजधानी में उनका इतना स्वागत हुआ कि वह भावुक हो गईं। लखनऊ में उन्होंने ट्रेनिंग की। यह उनकी कर्मभूमि है। वह रायबरेली में पैदा हुई हैं लेकिन लखनऊ उनका दूसरा घर है। इस शहर से उन्हें खास लगाव है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बहुत प्रतिभा है। बस उन्हें पहचान कर मौका देने की जरूरत है। अगर यहां की प्रतिभाओं को सही समय पर मौका और सुविधाएं दी जाएं तो एक नहीं सौ सुधा पैदा हो सकती हैं।
इस मौके पर केडीआर समूह के अविनाश चंद्रा व साहस स्पोर्ट्स अकादमी की चेयरपर्सन डा. सुधा बाजपेई ने सुधा सिंह को स्मृति चिन्ह दिया। केजीएमयू के प्रो. आनंद मिश्रा ने सुधा सिंह को सात अक्तूबर को होने वाली पिंक मैराथन का ब्राण्ड एम्बेसडर घोषित किया।
 

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  • Web Title:born a hundred Sudha: Sudha Singh