
मतदाता सूची से हटेंगे बांग्लादेशी : महापौर
संक्षेप: Lucknow News - भाजपा पार्षद दल की बैठक में महापौर ने निर्देश दिया कि असम से आए मतदाताओं के नाम की जांच होगी। बांग्लादेशियों के संदिग्ध मामलों पर चर्चा की गई। सभी पार्षदों को वार्ड स्तर पर मतदाता सूची का सत्यापन करने के लिए कहा गया। बैठक में स्वच्छता समिति के गठन पर भी विचार हुआ।
भाजपा पार्षद दल की बैठक में एसआईआर पर चर्चा असम के नाम पर यहां आए बांग्लादेशियों का नाम हटेगा लखनऊ। प्रमुख संवाददाता भाजपा पार्षद दल की एक महत्वपूर्ण बैठक महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में रविवार को कैंप कार्यालय पर आयोजित हुई। बैठक में महापौर ने निर्देश दिया कि असम से आकर यहां मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वालों को जांच के बाद हटाया जाएगा। इसमें बांग्लादेशियों के होने की भी आशंका है। बैठक में भाजपा पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी समेत अधिकांश पार्षद उपस्थित रहे। मुख्य चर्चा आगामी विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान और वार्ड समितियों के गठन को लेकर हुई।

महापौर ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और मजबूती के लिए मतदाता सूची का अद्यतन बेहद जरूरी है। उन्होंने पार्षदों से अपने-अपने वार्डों में बूथ स्तर पर मतदाता सूची के सत्यापन कार्य को गंभीरता से लेने का आग्रह किया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ऐसे लोगों के नाम सूची से हटाए जाएंगे जो अब लखनऊ में निवास नहीं करते या जिनका निधन हो चुका है। बैठक में संदिग्ध बांग्लादेशी पहचान वाले प्रकरणों पर भी चर्चा की गई। तय हुआ कि जिन व्यक्तियों ने असम राज्य के निवासी होने का दावा करते हुए लखनऊ में मतदाता पंजीकरण कराया है, उनके नाम केवल प्रमाणिक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही सूची में रखे जाएंगे। महापौर ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह विधिक और संवैधानिक दायरे में होगी और किसी समुदाय या व्यक्ति विशेष को लक्षित नहीं किया जाएगा। महापौर ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के नाम, जिन्होंने शहर या क्षेत्र बदल लिया है, उन्हें प्राथमिकता से हटाया जाए। साथ ही, बाहरी व्यक्तियों के संदिग्ध पहचान दस्तावेजों की जांच प्रशासन द्वारा तय नियमों के अनुसार की जाएगी। स्वच्छ पर्यावरण समिति के गठन पर भी चर्चा बैठक में स्वच्छ पर्यावरण समिति और वार्ड समितियों के गठन पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। महापौर ने बताया कि प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देशानुसार प्रत्येक वार्ड में पार्षद की अध्यक्षता में समिति का गठन अनिवार्य है। उन्होंने पार्षदों से एक सप्ताह के भीतर अपने वार्ड की समिति के नाम प्रस्तावित करने को कहा। बैठक के समापन पर महापौर ने कहा कि नगर निगम, पार्षदों और नागरिकों के संयुक्त सहयोग से ही शहर की स्वच्छता और विकास कार्यों में सुधार संभव है।

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