
बीआईएस केयर एप से जांचें सोने की शुद्धता
Lucknow News - स्थापना दिवस लखनऊ, संवाददाता। देश का राष्ट्रीय मानक निकाय भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस)
स्थापना दिवस लखनऊ, संवाददाता। देश का राष्ट्रीय मानक निकाय भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने मंगलवार को अपने 79वें स्थापना दिवस को मानक महोत्सव के रूप में मनाया। गोमती नगर, विभूति खंड स्थित एक होटल में आयोजित मानक महोत्सव में उपभोक्ता सशक्तीकरण के साथ ही प्लास्टिक जैसी गंभीर वैश्विक समस्या पर चर्चा हुई। सोने के आभूषण पर देखे बीआईएस निशान हॉलमार्क सोने, चांदी जैसी कीमती धातुओं से बने आभूषणों की शुद्धता व प्रामाणिकता की गारंटी देता है। बीआईएस के प्रमुख व वरिष्ठ निदेशक सुधीर बिश्नोई ने बताया कि अगर उपभोक्ता यह जानना चाहता है कि सोने का जो आभूषण खरीदा गया है वह सही है या नहीं तो उसे आभूषण पर तीन निशान देखने चाहिए।
एक त्रिकोण आकार का बीआईएस का मोनोग्राम, दूसरा शुद्धता जैसे 18 या 22 कैरेट और तीसरा उस पर अंकित छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड। इसे एचयूआईडी (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर कहते हैं। पहले यह तीन चीजे देखनी चाहिए। आप एकदम संतुष्ट होना चाहते हैं तो अपने मोबाइल पर बीआईएस केयर एप डॉउनलोड करें। उसमें एचयूआईडी नम्बर डालते ही आपको आभूषण की सारी जानकारी मिल जाएगी। आभूषण कहां टेस्ट हुआ, कितनी शुद्धता है और हॉलमर्किंग कब हुई। अगर आपके आभूषण पर दिया गया डेटा उसके साथ मैच करता है तो अभूषण को भरोसे के साथ खरीद सकते हैं। वह बताते हैं कि अगर कहीं कोई गड़बड़ी की आशंका हो तो आप एप के माध्यम से शिकायत भी कर सकते हैं। सैकड़ों वर्षो में डिग्रेड होती है प्लास्टिक सीपेट लखनऊ के एकेडमिक इंचार्ज डॉ राजेश पांडा ने बताया कि प्लास्टिक एक वंडर मैटेरियल है। आज के दौर में हम ‘नो प्लास्टिक’ नहीं कह सकते, लेकिन उसके बारे में जानना बहुत जरूरी है। एक तो प्लास्टिक सामग्री आसानी से डिग्रेड (अपघटित) नहीं होती है और इसे प्राकृतिक रूप से पूरी तरह से विघटित होने में सैकड़ो वर्षों का लंबा समय लगता है। कुछ प्लास्टिक को डिग्रेड होने में 400 से 800 वर्ष तक लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह धीमी विघटन दर ही प्लास्टिक प्रदूषण को एक गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा बनाता है, क्योंकि यह सदियों तक पर्यावरण में बना रहता है। प्लास्टिक मिट्टी, पानी और हवा को प्रदूषित करता है। महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के राज्य प्रवक्ता मनीष शुक्ला शामिल हुए। इस दौरान सुरेका इंटरनेशनल को आईएस 9685 (टेक्सटाइल - सैंड बैग) के लिए आल इंडिया फर्स्ट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में उपनिदेशक सुयश पांडेय, संयुक्त निदेशक शरद कुमार, उप निदेशक आशुतोष राय, जितेश कुमार समेत उद्योग जगत के प्रतिनिधी व अन्य लोग मौजूद रहे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




