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बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियोबॉटनी

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊNewswrap
Sun, 14 Nov 2021 07:35 PM
बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियोबॉटनी

एसटीआईपी-2020 आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण: प्रो. वर्मा

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता

बीरबल साहनी पराविज्ञान संस्थान (बीएसआईपी) में रविवार को प्रो. बीरबल साहनी की जयंती के अवसर पर संस्थापक दिवस समारोह मनाया गया। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। निदेशक बीएसआईपी डॉ. वंदना प्रसाद ने अतिथियों का स्वागत किया और अपने सम्बोधन में बीएसआईपी की स्थापना तथा पुरावनस्पति से पुराविज्ञान संस्थान के विकास के बारे में बताया। मुख्य अतिथि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव डॉ. एम रविचंद्रन थे। वह व्यक्तिगत रूप से समारोह में शामिल नहीं हो सके, इसलिए उन्होंने अपना बधाई संदेश भेजा।

प्रो. संदीप वर्मा, सचिव डीएसटी-एसईआरबी ने नई विज्ञान प्रौद्योगिकी नीति और प्रक्रिया के बारे में 51वां प्रो. बीरबल साहनी व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एसटीआईपी-2020 आत्मनिर्भर भारत की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रो. संदीप वर्मा और अन्य अतिथियों ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट 2021-2022 का विमोचन किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण, संस्थान की 75 साल की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली डॉक्यूमेंट्री रही। डॉ. रविचंद्रन ने अपने लिखित संदेश में दिवंगत प्रो. साहनी की उपलब्धियों का उल्लेख किया और स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे बीएसआईपी परिवार को बधाई दी। इस समारोह में प्रो. एके अग्रवाल, निदेशक, रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर, लखनऊ विश्वविद्यालय से कई भूवैज्ञानिकों व वनस्पतिशास्त्रियों, प्रो. एमपी सिंह, प्रो. विवेक प्रसाद और प्रो. ध्रुव सेन सिंह ने शिरकत की। इसके अलावा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के कई भूवैज्ञानिक, लखनऊ विश्वविद्यालय और बीएसआईपी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का समापन प्रो. मुकुंद शर्मा द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव से हुआ।

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