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बीएड टीइटी पास 20 अभ्यर्थियों पर नामजद व तीन हजार अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने लिखा मुकदमा

एसीएम तृतीय ने संघर्ष समिति को दिया था मुलाकात कराने का आश्वासनशाम को मीटिंग रद्द होने की दी जानकारी, अभ्यर्थियों में आक्रोशआलमबाग पुलिस ने उपद्रव करने वाले अभ्यर्थियों पर दर्ज की एफआईआरलखनऊ। हिन्दुस्तान संवादबीएड टीईटी-2011 अभ्यर्थियों को बुधवार की सुबह अच्छी खबर मिली। एसीएम तृतीय ने संघर्ष समिति को बताया कि मुख्यमंत्री ने न्याय व शिक्षा विभाग की मीटिंग बुलाई है। जिसमें अभ्यर्थियों का नौ सदस्यीय दल भी शामिल होगा। आश्वासन मिलने के बाद अभ्यर्थी उम्मीद लगाए बैठे रहे। मगर, मुलाकात नहीं हो सकी। उन्हें बताया गया कि जल्द ही समय लेकर मुलाकात कराई जाएगी। इस बीच आलमबाग पुलिस ने उपद्रव करने वालों के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। साथ ही पुलिस अधिकारियों को चोट पहुंचाने व सरकारी सम्पत्ति को क्षतिग्रस्त करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। इस बीच, सपा से अहमद हसन, राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधमंडल ने बुधवार को राज्यपाल राम नाईक से मिलकर अभ्यर्थियों को तत्काल न्याय दिलाने की मांग की।मुख्यमंत्री से मिलने लगाए थे आसबुधवार सुबह 11 बजे करीब एसीएम तृतीय आनन्द सिंह ईको गार्डन पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराने का भरोसा दिया। साथ ही बताया कि न्याय विभाग व शिक्षा विभाग की संयुक्त मीटिंग बुलाई गई है। जिसमें अभ्यर्थियों की तरफ से नौ सदस्यीय दल भी शामिल रहेगा। एसीएम से यह जानकारी मिलने पर अभ्यर्थी मीटिंग का इंतजार करने लगे। सुबह से शाम हो गई। पर, मीटिंग का वक्त तय नहीं हो सका। इससे नाराज संघर्ष समिति के नेताओं ने एसीएम से बात कर जल्द वार्ता कराने का आश्वासन दिया। उपद्रव में शामिल लोगों पर एफआईआरसीओ आलमबाग डा.संजीव कांत सिन्हा ने बताया कि मंगलवार को उपद्रव करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इसमें 20 लोगों को नामजद किया गया है। वहीं, तीन हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों को आरोपी बनाया गया है। सीओ ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान वीडियोग्राफी कराई गई है। जिसके जरिए बस व वाहनों तोड़फोड़ कर सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की तलाश की जा रही है। अभ्यर्थी बोले नौकरी दो या मौतबीएड टीईटी संघर्ष समिति के मान बहादुर सिंह ने शासन पर अभ्यर्थियों की पीड़ा का मजाक उड़ाने का अरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सात सालों से हम मांग कर रहे हैं। घर छोड़ कर धरना दे रहे है। पर, कोई सुनवाई नहीं हो रही। बस आश्वासन मिल रहे हैं। अगर नौकरी नहीं दे सकते तो हमें मौत दे दो। मान बहादुर ने पुलिस पर भी आरोप मढ़े। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर जबरन लाठीचार्ज किया गया। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमें भी दर्ज किए जा रहे हैं। ऐसे हालात में अगर कोई अभ्यर्थी गलत कदम उठाता है तो उसकी जिम्मेदार प्रदेश सरकार होगी। छावनी बना धरना स्थलमंगलवार को अभ्यर्थी विधानभवन कूच कर गए थे। बड़ी जद्दोजहद के बाद उन्हें पुलिस रोक सकी थी। इससे सबक लेते हुए बुधवार को ईको गार्डन को छावनी में तब्दील कर दिया गया। पीएसी के साथ ही कई थानों की फोर्स तैनात की गई। साथ ही वाटर कैनन, एम्बुलेंस व दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया।

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