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बैंक लूट से दहशत : सीसीटीवी के भरोसे है ग्रामीण बैंकों की सुरक्षा

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जिले में स्थित 79 बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखाओं की सुरक्षा सिर्फ सीसीटीवी के भरोसे ही चल रही है। ग्रामीण बैंकों में अपने सुरक्षा गार्ड भी नहीं हैं। वहीं, राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं में कहीं एक तो कहीं दो गार्ड कार्यरत हैं। 
लम्भुआ के बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक हरिहरपुर शाखा के स्ट्रांगरूम में घुसकर मंगलवार को डकैती और उसके पहले सोमवार को इलाहाबाद बैंक ज्ञानीपुर की शाखा के उपप्रबंधक व चालक को रास्ते में गोली का निशाना बनाकर कैश वैन लूटने की कोशिश से सभी बैंक मैनेजर खौफ में हैं। 
बैंकों के जिम्मेदार अधिकारी बैंक शाखाओं की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं। सीसीटीवी कैमरे को पूरी तरह से सही कराया जा रहा है। बैंक परिसर के अंदर से लेकर बाहर तक सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है। जिले में ग्रामीण बैंक की सबसे ज्यादा शाखा हैं। ये शाखाएं ग्रामीणांचल में हैं। फिर भी बैंक की ओर से सुरक्षा गार्ड नहीं रखे जाते हैं। सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी इलाकाई पुलिस की होती है। 
बुधवार को सुरक्षा को लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बस स्टेशन मुख्य शाखा में सुरक्षा को जांचा और अन्य शाखाओं में भी पहुंचकर जांच पड़ताल की। दूसरी ओर बड़ौदा ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक बीके सिंह ने भी अपनी बैंक शाखाओं में पहुंचकर सुरक्षा का हाल देखा। 
डीएम व एसपी से मिले बैंकर्स: एलडीएम गोपालजी के नेतृत्व में करीब 28 बैंकों के लोग बुधवार को डीएम और एसपी से मिले। बैंकों की सुरक्षा के साथ बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भी सुरक्षा की मांग की।
26 तरह की बैंकों की 195 शाखा: जिले में कुल 26 तरह की बैंक कार्यरत हैं। इनकी कुल 195 शाखाएं संचालित हैं। इनमें 154 शाखा ग्रामीण क्षेत्र, पांच अर्द्धशहरी और 37 बैंक शाखा शहरी क्षेत्र में कार्यरत हैं। बैंकों की सर्वाधिक 79 शाखा बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक की हैं। 
इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा की कुल 34 शाखा, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की 17, भारतीय स्टेट बैंक की 16 शाखाएं संचालित हो रही हैं। इलाहाबाद बैंक, केनरा बैंक व पंजाब नेशनल बैंक की जिले में सात-सात शाखाएं चल रही हैं। इसके अलावा सभी बैंकों को मिलाकर 417 बीसी/बीएलई चल रही हैं। इनमें 231 ग्रामीण बैंक, 145 बैंक ऑफ बड़ौदा के बैंक मित्र फ्रेंचाइजी कार्यरत हैं। 

शाखाओं में अलग से कोई सुरक्षा गार्ड नहीं रखे जाते हैं। क्षेत्रीय थाने की पुलिस पेट्रोलिंग करती हैं। उन्हीं के सहारे सुरक्षा दी जा रही है। सभी शाखाओं में सीसीटीवी लगाए गए हैं। ब्रांच मैनेजर को सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। 
: बीके सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक 
ग्रामीण बैंक 

राष्ट्रीयकृत बैंकों में सुरक्षा का जिम्मा इलाकाई पुलिस की है। बैंकों में ऊपर से ही प्राइवेट एजेंसियों से अनुबंध रहता है। सभी शाखाओं पर एक से लेकर दो सशस्त्र सुरक्षा गार्ड (रिटायर्ड आर्मी सोल्जर) नियुक्त हैं। जो वर्किंग समय में ड्यूटी देते हैं। रात में पुलिस पेट्रोलिंग करती हैं। बैंक शाखा और संबन्धित थाने की पुलिस हमेशा संपर्क में रहती है। करेंसी चेस्ट की सुरक्षा और गार्ड की संख्या सुरक्षा दृष्टि से नहीं बताई जा सकती। 

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  • Web Title:Bank robbery panic: CCTV trusts protect rural banks