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मुठभेड़ में घायल बांग्लादेशी बदमाशों ने लखनऊ में कई डकैती डाली थी

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 11:05 PM
मुठभेड़ में घायल बांग्लादेशी बदमाशों ने लखनऊ में कई डकैती डाली थी

गन्ना विभाग के इंजीनियर की पत्नी व बेटी को बंधक बनाकर की थी लूटपाट

इन डकैतों पर 25-25 हजार रुपये इनाम था, गिरोह के आठ सदस्य फरार

लखनऊ। मुख्य संवाददाता

चिनहट में पुलिस से हुई मुठभेड़ के बाद पकड़े गये तीनों डकैत बांग्लादेशी थे और दो सालों से लखनऊ व पड़ोसी जिलों में वारदात कर रहे थे। इनसे खुलासा हुआ कि इस गिरोह ने मेरठ में तैनात गन्ना विभाग के इंजीनियर वाईके श्रीवास्तव के गोमतीनगर स्थित मकान में पत्नी व बेटी को बंधक बनाकर डकैती डाली थी। इसके अलावा लखनऊ में दो और डकैती का खुलासा किया। शुक्रवार को गोमतीनगर में एक घर में ये लोग लूटपाट के इरादे से घुस गये थे लेकिन उसी समय गेट पर पुलिस जीप आने से ये लोग बिना वारदात किये भाग निकले थे। इस कालोनी से मिले फुटेज में ये डकैत दिखे थे। इन पर 25-25 हजार रुपये इनाम घोषित था।

रविवार रात मुठभेड़ में तीन डकैत पकड़े गये

एडीसीपी पूर्वी सै. कासिम आब्दी के मुताबिक मल्हौर स्टेशन के पास कुछ बदमाश थे। इसकी सूचना पर ही पुलिस पहुंची थी, तभी मुठभेड़ हो गई थी। इसमें दो डकैत व एक सिपाही रिंकू घायल हो गये थे। एक और डकैत को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन तीनों डकैतों की पहचान बांग्लादेश के सनकीभगा निवासी शेख रूबेल उर्फ रबीउल, अमरागासिया का आलम उर्फ अल और कलिकाबरी का रबीउल के रूप में हुई। इन तीनों ने पुलिस को बताया कि उनके आठ और साथी लखनऊ में अलग-अलग स्थानों पर छिपे हुए हैं। इन फरार डकैतों में खुलना का हमजा, सनकीभगा का असलम, चिटगांव का नासिर उर्फ नसीर, खुलना का बिल्लाल, सुटोबुदरा का नूर इस्लाम, बरीसाल का शुमान और नूर खान हैं।

वाराणसी, दिल्ली व मध्य प्रदेश में भी वारदात की

एडीसीपी ने बताया कि तीनों डकैतों के खिलाफ चिनहट में चार मुकदमें और विभूतिखंड व गोमतीनगर में दो-दो, माल में एक मुकदमा है। इन लोगों ने वाराणसी के रोहनिया और मध्य प्रदेश के कटनी में वारदात की। वहां की पुलिस भी इन्हें ढूंढ़ रही है। इन बदमाशों के पास पिस्टल, कारतूस, 30 हजार रुपये, पांच हजार रुपये की बांग्लादेशी करेंसी भी मिली है। इस गिरोह ने दिल्ली, केरल में वारदात करने का दावा किया है। दिल्ली के आनन्द विहार में एक महिला को रॉड से हमला कर घायल किया था।

पश्चिम बंगाल से 10 हजार रुपये में सीमा पार करते

एडीसीपी कासिम ने बताया कि गिरोह के लोग पश्चिम बंगाल की सीमा पर सटे जिलों से भारत में प्रवेश करते है। कई बार भारत-बांग्लादेश सीमा पर नदी पाकर देश में आते हैं। इन लोगों ने बताया कि सीमा पर कुछ लोग प्रति व्यक्ति पांच हजार से 10 हजार रुपये लेकर सीमा पार कराते हैं। गिरोह के सदस्य ट्रेन से दूसरे प्रदेशों में चले जाते हैं।

रेलवे लाइन के किनारे झुग्गी बनाकर ठिकाना बनाते

ये गिरोह रेलवे लाइन व स्टेशन के किनारे खाली स्थाना पर झुग्गी बनाकर रहने लगते हैं। इसमें कुछ सामान्य लोगों को भी जगह दे देते है ताकि किसी को कोई शक न हो। दिन में कूड़ा बीनने व कबाड़ी बनकर बंद मकानों की रेकी करते थे। अधिकतर बुजुर्ग व ज्यादा महिलाओं के रहने वाले घर को निशाना बनाते थे।

परिवार को बंधक बनाते, कई बार दुराचार भी किया

गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि ये लोग ग्रिल काटकर घर के अंदर प्रवेश करते हैं। फिर परिवार के सदस्यों को बंधक बना लेते थे। गोली चलाने से ये लोग बचते है। कुछ घटनाओं में महिलाओं से दुराचार भी किया। घटना के बाद जो भी ट्रेन निकल रही होती, स्टेशन से उस पर सवार हो जाते हैं।

जेवर पश्चिम बंगाल में ही बेचते थे

इंस्पेक्टर घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि ये लोग अधिकतर चोरी के जेवर पश्चिम बंगाल के जिलों में ही बेचते थे। लेकिन जब कभी लगता था कि खतरा ज्यादा है तो रास्ते में कहीं भी जेवर बेच देते थे।

21 दिन पहले चार और बदमाश सीमा पार किये

डकैतों ने खुलासा कि 20 सितम्बर को चार लोगों ने बांग्लादेशी की सीमा पाकर भारत में घुसपैठ की है। ये लोग ट्रेन से 24 सितम्बर को वाराणसी पहुंचे। वहां रेकी की, फिर 26 सितम्बर को रोहनियर में एक घर में धावा बोला। यहां से लूटा सामान पश्चिम बंगाल सीमा तक पहुंचा दिया। चार अक्तूबर को फिर वाराणसी पहुंचे। इस बार जिस घर में बदमाश घुसे, वहां पहले से दो चोर सामान बटोर कर जा रहे थे। इन डकैतों ने उनसे सामान छीन लिया था।

इंजीनियर के घर 10 लाख की डकैती डाली थी

पुलिस कमिश्पर डीके ठाकुर ने बताया कि 23 दिसम्बर, वर्ष 2020 को सहारा अस्पताल के पास रहने वाले इंजीनियर वाईके श्रीवास्तव की पत्नी व बेटी को बंधक बनाकर डकैती डाली थी। करीब दो घंटे तक घर में उत्पात मचाने के बाद पिछले गेट का ताला तोड़ कर भाग निकले थे। उनके घर से डेढ़ लाख रुपये और छह लाख रुपये से ज्यादा के जेवर लूटे थे। इससे पहले छह सितम्बर, 2020 को कठौता झील के पास घर वालों को बंधक बनाकर लूटपाट की थी। 19 दिसम्बर को तीन घरों में धावा बोला था पर कुछ ले नहीं जा सके थे।

ये होंगे पुरस्कृत

पुलिस कमिश्नर ने मुठभेड़ में शामिल डीसीपी पूर्वी के सर्विलांस प्रभारी एसआई रजनीश वर्मा, सिपाही बृजेश, राम निवास शुक्ला, रिंकू कुमार, गोमती नगर थाने के एसआई अमित सिंह, सिपाही मुकेश चौधरी, राहुल पाण्डेय, चिनहट इंस्पेक्टर घनश्याम मणि त्रिपाठी, एसआई सुदर्शन सिंह, अजय शुक्ला, विनोद कुमार यादव, संजय वर्मा समेत पूरी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

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