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15 अगस्त, 2020|9:36|IST

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बंग्लादेशी जमाती को अंतरिम जमानत

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हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक बांग्लादेशी जमाती को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि न्यायालय ने उस पर सख्त पाबंदियां लगाते हुए, बिना कोर्ट की इजाजत के देश छोड़ने पर भी रोक लगा दी है। इस दौरान न्यायालय ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार से बंग्लादेश के साथ प्रत्यर्पण संधि के बावत भी जानकारी मांगी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति एआर मसूदी की एकल सदस्यीय पीठ ने अकाली नाहर उर्फ अक्लिमुन नाहर की ओर से दाखिल अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र को मंजूर करते हुए दिया। पूर्व में उसके छह साथियों की भी अंतरिम जमानत न्यायलय मंजूर कर चुका है, हालांकि अकाली नाहर का वीजा 10 अप्रैल 2020 में ही एक्सपायर होने के कारण कोर्ट ने तब उसकी जमानत मंजूर नहीं की थी। न्यायालय ने उसे जेल अथॉरिटी के द्वारा वीजा बढाने की अर्जी देने की छूट प्रदान की थी। याची के अधिवक्ता प्रांशु अग्रवाल ने न्यायालय को जानकारी दी कि उसके वीजा की अवधि 10 अक्टूबर तक के लिए बढा दी गई है। जिस पर न्यायालय ने याची को भी उसकी वीजा अवधि तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामले की अग्रिम सुनवाई 5 अगस्त को होगी। उल्लेखनीय है कि याची व उसके साथियों को मड़ियांव थानांतर्गत ग्राम मुतक्किपुर के तकवा मस्जिद से 18 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। याचियों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम व वीजा नियमों का उल्लंघन कर के निजामुद्दीन दिल्ली में जमात की मजलिस में भाग लेने का आरोप है।

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  • Web Title:Bangladeshi Jamati gets interim bail