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बलरामपुर :दिल का दौरा पड़ने से बलरामपुर के महाराजा का निधन

शोक की लहर

गोमतीनगर में रविवार देर शाम शापिंग के दौरान पड़ा हार्ट अटैक

महाराजा के निधन से जिलेवासियों में शोक, मंगलवार को होगी अन्त्येष्टि

बलरामपुर। हिन्दुस्तान संवाद

बलरामपुर स्टेट के महाराजा धर्मेंद्र प्रसाद सिंह (60) का रविवार शाम को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। लखनऊ के गोमतीनगर में शापिंग से लौटते समय उन्हें हार्ट अटैक पड़ा। सहयोगियों ने उन्हें प्राइवेट नर्सिंग होम पहुंचाया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। राप्ती घाट पर स्व. सिंह की अन्त्येष्टि मंगलवार सुबह 11 बजे होगी। उनकी मृत्यु से जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। महाराजा धर्मेन्द्र प्रसाद जिले के कई ट्रस्ट व सामाजिक संगठनों से जुड़े थे। सोमवार को जापलिंग रोड स्थित आवास पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए व परिवारीजन को सान्त्वना दी।

उनके करीबी सूत्रों से मिली सूचना के अनुसार महाराजा धर्मेंद्र प्रसाद सिंह अपने रिश्तेदार के घर जन्मदिन में भाग लेने लखनऊ के गोमतीनगर गए हुए थे। कुछ आवश्यक कार्य से गोमती नगर बाजार निकले थे। शापिंग करके लौट रहे थे कि अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। वहां मौजूद सहयोगियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सोमवार शाम उनका पार्थिव शरीर बलरामपुर लाया गया। महाराजा धर्मेंद्र प्रसाद सिंह का जन्म बहराइच जिले के गंगवल स्टेट के राजा कुंवर भरत सिंह के घर वर्ष 1958 में हुआ था। बलरामपुर के महाराज सर पाटेश्वरी प्रसाद सिंह के कोई संतान नहीं थी जिसके कारण उन्होंने धर्मेंद्र प्रसाद सिंह को गोद ले लिया था। वर्ष 1964 में महाराजा सर भगवती प्रसाद सिंह के स्वर्गवास के बाद धर्मेंद्र प्रसाद सिंह का राजतिलक कर उन्हें महाराज घोषित कर दिया गया। महाराजा धर्मेंद्र प्रसाद सिंह के एक पुत्र कुंवर जयेंद्र प्रताप सिंह तथा एक पुत्री कुंवरि विजय श्री हैं।

महारा का विवाह 1980 में नेपाल के जंग बहादुर राणा की पुत्री वंदना राजलक्ष्मी के साथ हुआ था और 29 दिसंबर 1980 में उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई जिनका नाम जयेंद्र प्रताप सिंह रखा गया। 21अप्रैल 1984 में पुत्री महाराज कुंवर विजय श्री का जन्म हुआ। महाराजा के मृत्यु की खबर आते ही बलरामपुर वासियों में शोक की लहर दौड़ गई है। सांसद दद्दन मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, गैसड़ी विधायक शैलेश सिंह शैलू, जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश, एसपी राजेश कुमार राय, एडीएम अरुण कुमार मिश्र, समाज सेवी आजाद सिंह, राना प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व राज्यमंत्री डा. एसपी यादव, पूर्व राज्यमंत्री सलिल सिंह टीटू, पूर्व विधायक धीरू सिंह, कमलेश सिंह, सपा जिलाध्यक्ष ओंकार नाथ पटेल, जिला महासचिव इकबाल जावेद फ्लावर, पूर्व चेयरपर्सन इशरत जमाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह, डा. पंकज गुप्ता, खालिद बिन अफज़ल, शफीक अख्तर, शाबान अली, पूर्व चेयरमैन फिरोज पप्पू, मंजूर आलम, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मुकेश सिंह, भाजपा नेता प्रवीण सिंह विक्की आदि ने महाराज धर्मेन्द्र प्रसाद सिंह के निधन पर शोक प्रकट किया है।

महाराज ने किए कई जन सरोकार से जुड़े कार्य

उन्होंने दिग्विजय पुस्तकालय का पुनर्गठन किया। पुस्तकालय में पहले से मौजूद पुस्तकों के संरक्षण के साथ साथ कई नई पुस्तकों को पुस्तकालय में शामिल कराया। पाण्डुलिपियों का संरक्षण व संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई प्राचीन ग्रन्थों का संचयन कराया। हिन्दी के प्रथम ग्रंथ अवध के तालुकदार को संकलित करवाया। बलरामपुर जिले के इतिहास को दर्शाने वाली पहली पुस्तक सार संकलन बलरामपुर को संकलित करवाया। महाराजा धर्मेन्द्र प्रसाद सिंह ने ऐतिहासिक महत्व की पुस्तकों को प्रकाशित करने के लिए श्री पाटेश्वरी प्रकाशन एवं शोध संस्थान की स्थापना की। इस संस्थान में ऐतिहासिक महत्व के अन्तर्गत राष्ट्रभाषा हिन्दी में कार्य करने वालों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किए जाने का भी प्रावधान है। उनके पिता महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद सिंह ने भूमि व भवन दान कर पिछड़े तराई क्षेत्र में उच्च शिक्षा के प्रसार के लिए महारानी लाल कुंवरि स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थापित कराया। धर्मेन्द्र प्रसाद सिंह इस महाविद्यालय के आजीवन संस्थापक अध्यक्ष हैं।

सचित्र- 30बीएलपी05- महाराजा धर्मेन्द्र प्रसाद सिंह(फाइल फोटो)

सचित्र- 30बीएलपी12- महाराजा के लखनऊ स्थित आवास पर रविवार को पहुंचे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ

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  • Web Title:Balrampur: Due to the heart attack, the Maharaja of Balampur passed away