DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

डायलिसिस के मरीजों से बाहर से मंगवाई जा रही दवाएं

- बलरामपुर अस्पताल में डायलिसिस मरीज को बाहर से खरीदना पड़ रहा है दवा लखनऊ। निज संवाददाता बलरामपुर अस्पताल में डायलिसिस के मरीजों से बाहर से दवाएं मंगवाई जा रही हैं। अस्पताल में उन्हें दवाएं नहीं मिल रही हैं। डायलिसिस यूनिट में फ्ल्यूड समाप्त हो चुका है। मांग पर भी अभी तक फ्ल्यूड और वैक्सीन नहीं आई है। पीपीपी मॉडल और न्यू बिल्डिंग में चल रही डायलिसिस यूनिट में यही हाल है। तीमारदार बाहर से खरीदकर दवा ला रहे हैं तो मरीज का इलाज हो रहा है। फ्ल्यूड, वैक्सीन मंगवा रहे बलरामपुर की न्यू बिल्डिंग में दूसरे तल पर डायलिसिस यूनिट में छह मशीनों पर मरीजों का इलाज किया जाता है। इस यूनिट में मरीजों से चार सौ रुपए शुल्क जमा कराया जाता है। इसके अलावा यही के एसएसबी में पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस यूनिट चल रही है। यहां मरीजों की नि:शुल्क डायलिसिस होती है। छह मशीनों पर रोजाना करीब 12 मरीज की डायलिसिस की जाती है। यहां पर डायलिसिस के लिए प्रयोग किए जाने वाला फ्ल्यूड, वैक्सीन, ब्लड ट्यूब आदि खत्म हो गया है। मरीजों से बाहर से मेडिकल स्टोर से दवा मंगवाई जा रही है। अधिक रुपए खर्च हो रहे डायलिसिस के लिए बाहर से दवा आदि लाने पर तीमारदारों को शुल्क के साथ ही छह सौ रुपए से अधिक बाहर खर्च करना पड़ रहा है। शुक्रवार को तीमारदार अजमेरी ने बताया कि फ्ल्यूड, इंजेक्शन बाहर से मंगवाया गया। छह सौ रुपए खर्च हुए। चौपटिया की रूबीना के बेटे शहनवाज से मेडिकल स्टोर से फ्ल्यूड मंगवाया गया। ऐसे ही कई तीमारदार बाहर से सामान खरीदकर ला रहे हैं तो मरीजों को इलाज मिल पा रहा है। तीमारदारों का आरोप है कि पीपीपी मॉडल पर संचालित डायलिसिस यूनिट में एमिनो प्रोटीन इंजेक्शन, फार्माकैप समेत अन्य सामान बाहर से मंगवाया जा रहा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:bal