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हम तो विवादित स्थल की पूरी जमीन पर मस्जिद निर्माण चाहते हैं-जीलानी

विशेष संवाददाता-राज्य मुख्यालयआल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की कमेटी आन बाबरी मस्जिद के संयोजक जफरयाब जीलानी का कहना है कि हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 30 सितंबर 2010 को जो फैसला दिया उसमें अयोध्या के विवादित स्थल पर मस्जिद निर्माण के लिए मुस्लिम पक्ष को भी जमीन दी है। 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में श्री जीलानी ने कहा कि अगर इस फैसले पर अमल होता है तो मुस्लिम पक्ष को बाबरी मस्जिद के बीच वाले गुम्बद की जगह अन्दर तक मिलेगी। मगर हम इस बंटवारे से संतुष्ट ही नहीं हैं। हम तो विवादित स्थल की पूरी जमीन पर फिर से मस्जिद का निर्माण चाहते हैं और यही अपील लेकर हम सुप्रीम कोर्ट गए हैं। हम अपना हक चाहते हैं। अगर हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक मुसलमानों को विवादित स्थल की जमीन मिल जाती है तो क्या वह मंदिर निर्माण के लिए उसे हिन्दुओं को सौंप देंगे? इस सवाल पर श्री जीलानी ने कहा कि यह फैसला तो आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड करेगा। फिलहाल अभी जो प्रस्ताव है उसके मुताबिक हम अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं। इसके अलावा अगर कोई प्रस्ताव हो तो उस बारे में विश्व हिन्दू परिषद से बात करके ही मुसलमानों के नेतृत्व के समक्ष रखा जाए। तभी उस पर गौर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पांच दिसंबर से बहस शुरू हो रही है उसमें ही मुस्लिम पक्ष भी अपनी बात अदालत के सामने रखेगा। इस सुनवाई में मुसलमानों और हिन्दुओं की तरफ से छह-छह पक्षकार हैं। शिया वक्फ बोर्ड के बारे में श्री जीलानी ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में कोई पक्षकार नहीं है और न ही उसने कोई अपील दाखिल की है। शिया बोर्ड का तो एक हलफनामा दाखिल हुआ है सुप्रीम कोर्ट में, अब उस पर अदालत गौर करती है या नहीं यह अदालत पर निर्भर करता है।

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  • Web Title:Ayodhya
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