अवधी लोक साहित्य जनजीवन की सांस्कृतिक चेतना की कलात्मक अभिव्यक्ति
Lucknow News - लखनऊ के केकेवी पीजी कॉलेज में अवधी लोक साहित्य का व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने कहा कि इसमें कला जीवन-दर्शन की अभिव्यक्ति है। प्राचार्य प्रोफेसर संजय मिश्र ने इसे सांस्कृतिक चेतना की कलात्मक अभिव्यक्ति बताया। छात्रों को उनके शैक्षणिक सफलता के लिए सम्मानित किया गया।

लखनऊ, संवाददाता। केकेवी पीजी कॉलेज में अवधी लोक साहित्य का कलात्मक एवं वैचारिक वैशिष्ट्य विषयक व्याख्यान का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की सेवानिवृत संयुक्त निदेशक पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने कहा कि अवधी लोक साहित्य में कला केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन की जीवंत अभिव्यक्ति है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर संजय मिश्र ने कहा कि अवधी लोक साहित्य जनजीवन की सहज संवेदनाओं, लोकानुभव की गहराइयों और सांस्कृतिक चेतना की कलात्मक अभिव्यक्ति है। इस दौरान गणित विभाग के प्रोफेसर राजीव दीक्षित ने अवधी में काव्य पाठ प्रस्तुत किया। छात्रा दिशा शर्मा को असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी के पद पर चयनित होने और डॉ. प्रणव कुमार मिश्रा के निर्देशन में राजभाषा अधिकारी ग्रेड वन के पद पर चयनित शोध छात्र सौरभ चंद्र को सम्मानित किया गया।
शिक्षा शास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनिल पांडेय, आयोजन समिति के सदस्य डॉ. कृष्ण चंद्र चौरसिया, डॉ. सपना सिंह, डॉ. चंद्रमणि शर्मा, डॉ. अखिलेश शर्मा, डॉ. सीमा दुबे समेत कई अन्य उपस्थित रहे।
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