ATS will take remand - टेरर फंडिंग में गिरफ्तार अभियुक्तों को कस्टडी रिमांड पर लेगी एटीएस DA Image

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टेरर फंडिंग में गिरफ्तार अभियुक्तों को कस्टडी रिमांड पर लेगी एटीएस

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प्रमुख संवाददाता-राज्य मुख्यालय

टेरर फंडिंग के नेटवर्क से जुड़े चारों अभियुक्तों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके लिए सोमवार को एटीएस की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। एटीएस के एक टीम रविवार को लखीमपुर खीरी पहुंच जाएगी।

लखीमपुर खीरी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी चारों अभियुक्त उम्मेद अली, संजय अग्रवाल, समीर सलमानी व एराज अली फिलहाल जेल में हैं। इस संबंध में मुकदमा जिले के निघासन थाने में दर्ज किया गया था। आतंकी गतिविधियों से जुड़ा मामला होने के कारण यह मुकदमा डीजीपी ने एटीएस को स्थानान्तरित कर दिया है। यह विवेचना अब एटीएस करेगी। कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद अभियुक्तों को लखनऊ लाया जाएगा।

चार संदिग्धों की तलाश जारी

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि अभियुक्तों का नेटवर्क लखीमपुर खीरी व बरेली जिले में हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों में उम्मेद अली, संजय अग्रवाल व एराज अली मूल रूप से लखीमपुर खीरी के तिकुनिया थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं, जबकि समीर सलमानी बरेली जिल के इज्जतनगर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम परतापुर चौधरी का रहने वाला है। उम्मेद अली का वर्तमान पता भी परतापुर चौधरी ही है। अभियुक्तों के पास से भारतीय व नेपाली मुद्रा बरामद हुई थी। अभियुक्तों ने अपने सहोगी के रूप में जिन लोगों के नाम बताए हैं वे भी इन्हीं इलाकों के रहने वाले हैं। अभियुक्तों का कहना है कि वे मुमताज, फहीम, सिराजुद्दीन व सदाकत अली के कहने पर कमीशन लेकर यह काम करते थे। इसमें मुमताज लखीमपुर खीरी के तिकुनिया थाना क्षेत्र स्थित डांगा गांव का रहने वाला है, जबकि अन्य तीनों बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र स्थित परतापुर चौधरी गांव के रहने वाले हैं। यह गिरोह नेपाल के बैंकों से रकम निकालकर इसे भारत की सीमा में लाकर भारतीय मुद्रा में बदलता था। इस कार्य के लिए उन्हें 6 फीसदी कमीशन मिलता था।

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