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सुलतानपुर में सहा. श्रमायुक्त घोटाले में दोषी पाये गये

सुलतानपुर में सहा. श्रमायुक्त घोटाले में दोषी पाये गये

कलंक कथा

डीएम ने जांच कमेटी के साथ प्रेसवार्ता कर किया खुलासा

सभी आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराया जाएगा मुकदमा

अंत्येष्टि सहायता योजना में सवा चालीस लाख रुपये का हुआ है घोटाला

सुलतानपुर। कार्यालय संवाददाता

श्रम विभाग सुलतानपुर में तैनात सहायक श्रमायुक्त घोटाले की जांच में दोषी पाये गये हैं। उन पर निर्माण कर्मकार मृत अन्त्येष्टि सहायता योजना की 40 लाख 25 हजार रुपए की धनराशि को गिरोह बनाकर हड़पने का आरोप है। उनके साथ विभाग के सहायक लेखाकार अम्बरीश राय, कम्प्यूटर आपरेटर ओंकार मौर्य और अभिषेक तिवारी भी दोषी पाये गये हैं।

जिलाधिकारी विवेक ने जांच टीम के सदस्यों की मौजूदगी में गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में यह जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि 23 मई को जनता दर्शन में श्रम विभाग में पंजीकृत मृतक मजदूरों की आश्रित 6 महिलाएं उनके पास आयी थीं। उनकी शिकायत थी कि पति के मृत्यु के बाद अंत्येष्टि एवं सहायता धनराशि उन्हें नहीं मिली। इस पर सहायक श्रमायुक्त राम उजागिर से जांच रिपोर्ट मांगी गई तो उन्होंने सहायक लेखाकार अम्बरीश राय को जिम्मेदार बताते हुए एफआईआर दर्ज करा दी।

डीएम ने कहा कि मामले की गम्भीरता को देखते हुए 29 मई को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अमरनाथ राय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम बनायी गयी थी। जिसमें उप जिलाधिकारी कादीपुर प्रमोद पाण्डेय व वरिष्ठ कोषाधिकारी भी शामिल थे। जांच टीम ने 326 पन्ने की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जिसमें सहायक श्रमायुक्त रामउजागिर, एकाउंटेंट ओंकार मौर्य, कम्प्यूटर आपरेटर अम्बरीश राय व अभिषेक तिवारी समेत नौ अन्य लोग 40 लाख 25 हजार रुपए के गबन के दोषी पाए गए हैं। इन सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश एसपी अमित वर्मा को दिया गया है।

डीएम ने कहा कि उन्होंने प्रमुख सचिव से सिफारिश की है कि प्रदेश स्तर पर इस मामले की जांच करायी जाए। जिससे बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है।

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  • Web Title:Assistant Labor Commissioner found guilty in scam