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1 जुलाई, 2020|5:52|IST

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लाइब्रेरियन के सातवें वेतनमान का एरियर फंसा

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प्रमुख संवाददाता-राज्य मुख्यालयप्रदेश के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत लाइब्रेरियन अभी तक सातवें वेतनमान के एरियर से वंचित हैं। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्हें सातवां वेतनमान मिल पाया था। अब कोरोना संकट के कारण एरियर का भुगतान फंस गया है। लाइब्रेरियन का वेतनमान भी शिक्षकों के समकक्ष होता है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की संस्तुतियों के बाद प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के साथ-साथ लाइब्रेरियन को भी सातवां वेतनमान देने का आदेश जारी किया। उच्च शिक्षा निदेशालय के स्तर से सातवें वेतनमान के निर्धारण में देरी होने से लाइब्रेरियन नया वेतनमान काफी विलंब से पा सके। इसके लिए शिक्षक संगठनों को संघर्ष भी करना पड़ा था। लाइब्रेरियन के वेतन निर्धारण के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) ने भी शासन स्तर पर आवाज उठाई थी। नया वेतनमान एक जनवरी 2016 से लागू हुआ था। इस तरह ज्यादातर लाइब्रेरियन को एक जनवरी 2016 से मार्च 2019 तक एरियर मिलना है। उनके एरियर भुगतान की प्रक्रिया अभी शासन स्तर पर लंबित थी कि कोरोना संकट के कारण राज्य सरकार ने सभी तरह के एरियर के भुगतान पर रोक लगा दिया। यह रोक फिलहाल सितंबर 2020 तक रहेगी।

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