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किसान कर्ज माफी को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष आंध्र प्रदेश माडल का प्रजेंटेशन

- योगी तय करेंगे कि आंध्र प्रदेश माडल यूपी के लिए मददगार साबित होगा या नहीं - कारगर नहीं रहा तो अंत में केंद्र सरकार की शरण में ही जाएगी यूपी सरकार विशेष संवाददाता - राज्य मुख्यालययूपी में किसानों की कर्ज माफी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष गुरुवार को आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी व अपर मुख्य सचिव पीवी रमेश कुमार ने मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रजेंटेशन दिया। अब यूपी सरकार तय करेगी कि आंध्र प्रदेश माडल यूपी के किसानों की कर्ज माफी में मददगार साबित हो सकता है या नहीं। प्रजेंटेशन में बताया गया कि वर्ष 2014 में कैसे आंध्र प्रदेश में किसानों का करीब 17 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया गया। कैसे किसानों का चयन किया गया और कहां से इसके लिए धन जुटाया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि आंध्र प्रदेश और यूपी में की गई किसान कर्ज माफी की धनराशि में दोगुने से भी ज्यादा का अंतर है। आंध्र में जहां 17 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया गया, वहीं यूपी में 36 हजार करोड़ का किसानों का कर्ज माफ किया गया है। इससे एक लाख रुपये तक के 86 लाख छोटे व सीमांत किसान उसके दायरे में आ रहे हैं। उनका कहना है कि चुनावी में कर्ज माफी की घोषणा केंद्र सरकार के बल पर कर दी गई लेकिन केंद्र सरकार ने कर्ज माफी के बाद हाथ खड़े कर दिए हैं। इसका मुख्य कारण वित्त मंत्रालय का राष्ट्रव्यापी तकनीकी सिद्धांत है जिसको तोड़ना आसान नहीं होगा। आंध्र प्रदेश माडल यदि यूपी के लिए कारगर साबित नहीं हुआ तो अंत में यूपी सरकार को केंद्र की शरण में ही जाना होगा। खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की गुहार लगानी होगी। क्योंकि केंद्र सरकार के सिद्धांत के कारण ही यूपी सरकार किसान राहत बांड भी जारी नहीं कर पा रही है जिसके लिए सरकार ने कैबिनेट फैसला लेकर कर्ज माफी के लिए 36 हजार करोड़ जुटाकर बैंकों को देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यह है आंध्रप्रदेश का कर्ज माफी का मॉडल असल में आंध्र प्रदेश में कर्ज माफी योजना रायतू साधिकार संस्था द्वारा किया जाता है। पहले साल में 7400 करोड़ का कर्ज माफ किया गया। योजना के तहत पहले साल किसी किसान की कुल कर्ज का पच्चीस प्रतिशत माफ किया जाता है। उसके बाद उसे तीन साल की तीन किस्तों में कर्ज माफी का लिखित पत्र दिया जाता है। दूसरे तीसरे व चौथे साल में बाकी कर्ज 25-25 प्रतिशत की धनराशि माफ किया जाता है। इस पर 10 प्रतिशत ब्याज भी दिया जाता है। आंध प्रदेश सरकार ने पहले कर्ज माफी वाले किसानों की वास्तविक पहचान कराई और अपात्रों को आईटी साफ्टवेयर के जरिए बाहर किया गया। किसान की पहचान के लिए आधार, बैंक खाता, राशन कार्ड व भूलेख ब्योरे को आधार बनाया गया। योजना की निगरानी के लिए तहसील स्तर पर कमेटी बनाई गई। इसमें बैंकर, बीडीओ व तहसीलदार व अन्य प्रतिनिधियों को रखा गया। यही मॉडल नए राज्य तेलंगाना में भी लागू किया गया है।

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  • Web Title:Andhra pradesh model presentetion on farmers loan