लखनऊ, कानपुर और अयोध्या को कुकर-फ्रुट बम धमाकों की थी साजिश, शहरों के दहलने से पहले यूपी एटीएस ने दबोच लिया था आतंकी कमांडर मिनहाज को

Apr 14, 2026 01:15 pm ISTSaurabh Shukla हिन्दुस्तान, लखनऊ
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Lucknow News - अलकायदा समर्थित अंसार गजवातुल हिन्द संगठन के कमांडर मिनहाज अहमद ने जुलाई 2021 में लखनऊ, कानपुर और अयोध्या में बम धमाकों की साजिश रची थी। एटीएस ने तीनों आतंकियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद हुई। ये आतंकी फल बम बनाने की योजना बना रहे थे।

लखनऊ, कानपुर और अयोध्या को कुकर-फ्रुट बम धमाकों की थी साजिश, शहरों के दहलने से पहले यूपी एटीएस ने दबोच लिया था आतंकी कमांडर मिनहाज को

लखनऊ, सौरभ शुक्ल, वरिष्ठ संवाददाता। अलकायदा समर्थित अंसार गजवातुल हिन्द संगठन के कमांडर मिनहाज अहमद ने तीन सदस्यों के साथ मिलकर जुलाई 2021 में लखनऊ, कानपुर और अयोध्या को बम धमाकों से दहलाने की साजिश रची थी। विस्फोट कुकर और फ्रूट बम के जरिए किया जाना था। इसका ताना-बाना तीनों ही आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने आका के आदेश पर बुना जा चुका था। तीनों शहरों की सरकारी, ऐतिहासिक इमारतें और भीड़भाड़ वाले स्थलों का मौका मुआयना कर विस्फोट करने की रूप रेखा भी तैयार कर चुके थे। यह आतंकी अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देते, इसके पहले ही यूपी एटीएस ने तीनों को धर दबोचा था।

एटीएस ने 11 जुलाई को सबसे पहले काकोरी में रिंग रोड अदनानपल्ली स्थित मकान से अंसार गजवातुल हिन्द के कमांडर मिनहाज अहमद के घर छापेमारी कर उसे दबोचा। इसके बाद मोहिबुल्लापुर में विस्फोटक बनाने के एक्सपर्ट मुसीरुद्दीन उर्फ मुसीर उर्फ राजू और बुद्धा पार्क के पास से शकील को धर दबोचा था। तीनों के घरों से भारी मात्रा में बारूद, विस्फोटक बनाने के उपकरण, मोबाइल, तीनों शहरों की प्रमुख इमारतों के मैप और रूट प्लान आदि अन्य वस्तुएं बरामद हुए थे। एटीएस ने जब तीनों आतंकियों को रिमांड पर लिया तो उनसे पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए थे।फ्रूट बम से राजधानी को दहलाने की थी साजिश :आतंकी मिनहाज और उसके साथियों राजधानी के अलावा कानपुर समेत कई पड़ोसी जनपदों को फ्रूट बम से दहलाने की योजना बनाई थी। खरबूजे के आकार के फल में विस्फोटक सामग्री भरकर विस्फोट करने की साजिश थी। एटीएस की पूछताछ में आतंकी मिनहाज उसके साथी सफीउद्दीन समेत अन्य से कई चौंकाने वाले राज सामने आए हैं। इसके बाद गिरोह के फरार माड्यूल की तलाश और तेज हो गई है। इसके साथ ही पकड़े गए आतंकियों के पास से जो सात से आठ किलो बारूद बरामद हुई थी। उसके बारे में गहन पड़ताल की जा रही है कि यह बारूद और कुकर बम बनाने के लिए प्रयोग में आने वाले केमिकल किसने सप्लाई की थी। एटीएस और खुफिया विभाग की टीमें फरार माड्यूल की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।फल लाने-ले जाने में होते हैं आसान, चेकिंग को भी दे देते मात :आतंकी मिनहाज और उसके साथियों से पूछताछ में पता चला है कि वह एक गेंद में विस्फोटक सामग्री भरने की योजना बना रहे थे। खरबूजे के आकार के फल को काटकर उसमें उस गेंद को रखकर फ्रूट बम उन्हें बनाना था। आतंकियों का मानना है कि फल को कहीं भी लाने ले जाने में आसानी होती है। चेकिंग में भी वह नहीं पकड़ा जाता। उनके आकाओं का फरमान था कि फ्रूट बम से इस बार तबाही मचानी है। इसके लिए लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और अयोध्या समेत कई शहरों को इन लोगों ने चुना था।मई में धमाकों थी साजिश, लॉकडाउन के कारण टाल दी योजना :आतंकी कमांडर मिनहाज, मसीरुद्दीन ने अपने आकाओं के हुक्म पर मई 2021 में तीनों शहरों में धमाकों की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने मानव बम के लिए उन्नाव निवासी शाहिद और कानपुर के कई अन्य युवाओं को तैयार कर लिया था। मई में बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते जब लॉकडाउन हुआ तो आतंकियों ने साजिश की रूपरेखा बदल दी। तीनों ने स्वतंत्रता दिवस के आस पास धमाके की रणनीति तैयार की। इसके लिए मिनहाज अहमद और मसीहुद्दीन ने घर पर ही कुकर बम बनाना शुरू कर दिया। स्वतंत्रता दिवस के आस-पास बड़े धमाके की साजिश थी। एटीएस के मिले इनपुट के आधार पर पहले ही तीनों को धर दबोचा था।इंटीग्रल विश्वविद्यालय में टेक्नीशियन था, छात्र छात्राओं को भड़काता था :मिनहाज इंटीग्रल विश्वविद्यालय में आतंक की पाठशाला चलाता था। वह छात्र-छात्राओं को धर्म और कट्टरता के नाम पर जेहाद के लिए उकसाता था। इसकी जानकारी जब विवि प्रशासन को हुई तो विरोध किया गया। विरोध के बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी। यह राजफाश एटीएस की पूछताछ में हुआ। विवि से लैब टेक्नीशियन की नौकरी छोड़ने के बाद उसने खदरा में बैटरी की दुकान खोली। इसके बाद काकोरी स्थित घर पर ही आतंक की पाठशाला लगाता था। उसने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से एक ग्रुप बना रखा था। वह कानपुर समेत अन्य शहरों से जुड़े लोगों को अपने घर बुलाता था। यहां वह उन्हें आतंक की तालीम देता था। एटीएस और खुफिया एजेंसियां अब मिनहाज से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

Saurabh Shukla

लेखक के बारे में

Saurabh Shukla

सौरभ शुक्ल पिछले 16 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिन्दुस्तान समाचारपत्र में वरिष्ठ संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। अपराध बीट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
सौरभ शुक्ल भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में अपराध की खबरों में लीड हैं।


करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में कानपुर राष्ट्रीय सहारा से क्राइम रिपोर्टर के तौर पर शुरूआत की। वर्ष 2015 में दैनिक जागरण लखनऊ क्राइम रिपोर्टर रहें। कई बड़े स्टिंग आपरेशन किए। प्रिंट के साथ ही डिजिटल प्लेटफार्म के लिए खबरें की। सितंबर 2024 तक दैनिक जागरण में सेवाएं दी। सितंबर 2024 से हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में अपराध बीट की जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
स्नातक (बीए) और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा मास कम्यूनिकेशन से किया।


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सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है- उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त कंटेट व जानकारी देना है। रूटीन खबरों में एक्सक्लूसिव व कुछ अगल करना बेहद पसंद है।


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