
‘जहां भोज पर मनाही है, वहां कोई उत्सव क्या मनाएगा..’ CM योगी के बयान पर अखिलेश का पलटवार
Lucknow News - समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के उत्सव प्रदेश वाले बयान पर कटाक्ष किया है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि वर्ष 2017 से पहले यूपी उपद्रव ग्रस्त था, अब उत्सव का प्रदेश है। अखिलेश ने सोमवार को एक्स पर लिखा,‘जहां भोज पर मनाही है, वहां कोई उत्सव क्या मनाएगा।’
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के उत्सव प्रदेश वाले बयान पर कटाक्ष किया है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि वर्ष 2017 से पहले यूपी उपद्रव ग्रस्त था, अब उत्सव का प्रदेश है। अखिलेश ने सोमवार को एक्स पर लिखा,‘जहां भोज पर मनाही है, वहां कोई उत्सव क्या मनाएगा।’ सपा मुखिया ने एक अन्य पोस्ट में मध्य प्रदेश के रीवा में एक युवक की चोटी काटने के मामले को लेकर भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि भाजपा की सरकारें जहां-जहां हैं, वहां समाज के बीच ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है, जिसके बहकावे में आकर समाज के अंदर ही दुर्भावनापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।
अखिलेश ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि तथाकथित जो राष्ट्रवादी हैं, वो दरअसल ‘राष्ट्रविवादी’ लोग हैं क्योंकि वो एक समाज के अंदर भी फूट डाल कर, विवाद को जन्म देकर, बंटवारे की राजनीति को द्वेष से सींचकर, अपनी सत्ता बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा है कि समाज के हर वर्ग के लोगों को सचेत होना होगा कि वो इन सियासी भाजपाइयों के चक्कर में न पड़ें। जो अपराध आप अंजाने में कर रहे हो, जब वो पुलिस कार्रवाई के चपेटे में आयेगा तो एक भी भाजपाई और उनका संगी-साथी दूर-दूर तक नजर नहीं आएगा। सब जानते है और यह स्थापित सत्य है कि ‘भाजपा किसी की सगी नहीं है’, इसीलिए नफरत से दूर रहिए क्योंकि नफरत से सबसे पहले और सबसे ज़्यादा नुकसान उसी को होता है, जो नफरत करता है।
अखिलेश ने कहा है कि समाज में ऊंच-नीच का भाव वही लोग बनाये रखना चाहते हैं, जो सत्ता की ऊंची कुर्सी पर बैठे रहना चाहते हैं। समाज और राष्ट्र का सच्चा भला चाहने वाले एक-दूसरे को लड़ाते नहीं है बल्कि आपसी वैमनस्य ख़त्म करने के लिए समझाते हैं, समझौते कराते हैं, समाज के बीच फैली दूरी को मिटाते हैं, सबको गले लगवाते हैं। आशा है चोटी काटने के इस कांड के आरोपी भी सत्ताधारी भाजपा के इस गहरे षड्यंत्र को समझेंगे और अपने किये पर पछतावा व्यक्त करते हुए पीड़ित से क्षमायाचना करेंगे। आपस में मिलने से ही समाज का एका बनता है और समाज की एकता से ही राष्ट्र बनता है। उन्होंने कहा है कि प्रतिक्रिया अंतहीन होती है। प्रतिक्रिया का मार्ग विनाश का मार्ग है। दुष्क्रिया का त्याग करेंगे तो प्रतिक्रिया होगी ही नहीं। अच्छे इंसान बनें और नेकी की राह पर चलें! इससे स्वयं भी शांति और सुकून मिलेगा और समाज और राष्ट्र में भी शांति और सौहार्द का वातावरण बनेगा। शांति और सद्भाव चुनें, सच्चे राष्ट्रभक्त बनें।

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