महिला आरक्षण के नाम पर जल्दबाजी बता रही कि भाजपा जा रही, अखिलेश यादव ने घेरा

हिन्दुस्तान, लखनऊ
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  महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण के मुद्दे को लेकर खिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोला है। अखिलेश ने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर यह जल्दीबाजी बता रही है कि अब भाजपा जा रही है। 

महिला आरक्षण के नाम पर जल्दबाजी बता रही कि भाजपा जा रही, अखिलेश यादव ने घेरा

UP News: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण के मुद्दे को लेकर भाजपा को घेरा है। अखिलेश ने बुधवार को कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर यह जल्दीबाजी बता रही है कि अब भाजपा जा रही है। सच तो यह है कि भाजपा जनगणना को टालना चाहती है क्योंकि जनगणना होगी तो जातिगत जनगणना की भी बात उठेगी। फिर आरक्षण की भी, जो भाजपा और उनके संगी-साथी कभी भी देना नहीं चाहते हैं। हम महिला आरक्षण के साथ हैं, पर उस भाजपाई चालबाजी के खिलाफ हैं, जो एक साजिश के तहत की जा रही है।

अखिलेश ने कहा कि भाजपा को यह भी अच्छी तरह याद है कि ‘पीडीए’ में ‘ए’ का मतलब ‘आधी आबादी’ अर्थात महिला भी है। यह बिल पीडीए का हक-अधिकार मारने की एक बड़ी साज़िश का हिस्सा है। कहा कि एक बड़ा चुनावी सच यह भी है कि भाजपा की चुनावी घपलेबाजी का अब पूरी तरह से भंडाफोड़ हो गया है। ‘पीडीए प्रहरी’ एक विचार की तरह हर प्रदेश और हर दल ने स्वीकार कर लिया है। भाजपा पर चौकन्नी नजर रखी जा रही है, इसीलिए अब भाजपा को चुनावी हेराफेरी का कोई और मौका आसानी से नहीं मिलेगा। सच्चे वोट ही चुनाव का सच्चा नतीजा तय करेंगे। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा निराशा के इस दौर से उबरने के लिए यह बिल ला रही है। कहा कि भाजपा की कमीशनखोरी व चंदा वसूली की वजह से जो महंगाई बढ़ी है, उससे महिलाओं की रसोई सूनी हो गई है। रही-सही कसर सिलेंडर की बेतहाशा बढ़ती कीमतों ने पूरी कर दी है।

महिलाओं के बीच बैठकर घोषित किया जाए बिल

अखिलेश ने कहा कि हर महिला अपने बच्चों को पढ़ाना चाहती है लेकिन भाजपा की शिक्षा विरोधी सोच तो सरकारी स्कूल तक बंद करवा दे रही है। महिलाओं का दर्द क्या होता है, यह मेरठ के दुकानदारों के परिवार की महिलाओं की आंखों में आए आंसू भी बयां कर रहे हैं और नोएडा की श्रमिक और मेड के रुंधे गले भी। अगर यह बिल इतना ही सही है तो इसे मेरठ-नोएडा की पारिवारिक और कामगार महिलाओं के बीच बैठकर घोषित किया जाए। भाजपाई और उनके संगी-साथी देश की सबसे बड़ी आबादी के वर्ग मतलब ‘पिछड़े वर्ग’ की महिलाओं के बारे में चुप्पी साधे बैठे हैं।

Deep Pandey

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Deep Pandey

दीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।

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