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अखिलेश-मायावती की मुलाकात से गठबंधन मजबूत होने के संकेत

- एक घंटे की मुलाकात के निकल रहे कई मायने

- 23 साल बाद कोई सपा नेता उनके घर जाकर मिला

प्रमुख संवाददाता- राज्य मुख्यालय

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर व फूलपुर सीट पर मिली जीत के बाद बुधवार की रात बसपा मुखिया मायावती से माल ऐवन्यू स्थिति उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। ऐसा बरसों बाद हुआ जब सपा का कोई नेता मायावती से मिलने उनके घर गया। अखिलेश ने फूलों का गुलदस्ता देकर मायावती को जीत की बधाई दी। साथ ही उनके समर्थन के लिए धन्यवाद कहा।

दोनों नेताओं की मुलाकात करीब एक घंटे तक चली और इसमें भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई। मुलाकात से भविष्य में इन दोनों पार्टियों का गठबंधन और मजबूत होता दिख रहा है। अखिलेश सपा के ऐसे बड़े नेता हैं जो 23 साल बाद मायावती से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। स्टेट गेस्ट हाउस कांड के बाद दोनों पार्टियां एक-दूसरे की कट्टर दुश्मन थीं, लेकिन उप चुनाव में हुए तालमेल ने सालों से जमीं बर्फ पिघलाने का काम किया।

अखिलेश अपने साथ मुलायम के करीबी माने जाने वाले मो. आजम खां और पार्टी के कोषाध्यक्ष संजय सेठ को भी साथ लेकर गए। मुलाकात के दौरान बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र भी मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है कि अखिलेश ने मायावती से मिलने पर फूलों का गुलदस्ता देने के बाद दोनों हाथ जोड़कर प्रमाण किया। मायावती ने भी अखिलेश का अभिवादन दोनों हाथ जोड़कर स्वीकार किया।

सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान पहले जीत पर चर्चाएं हुईं। इसके बाद अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। बताया जाता है कि इसमें भविष्य में होने वाले गठबंधन भी चर्चाएं दोनों नेताओं ने की, लेकिन दोनों की तरफ से मीडिया में इस बारे में कुछ भी नहीं बताया गया। मायावती से मिलने के बाद निकलते वक्त अखिलेश को रोक कर बात करने की मीडिया की सारी कोशिशें भी बेकार गईं। इसके पहले बसपा नेता लाल जी वर्मा के घर पर उनके पुत्र को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सपा नेता रामगोविंद चौधरी ने मायावती से मुलाकात की और दोनों हाथ जोड़कर उन्हें नमस्ते किया और जीत की बधाई दी।

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  • Web Title: Akhilesh and Mayawati meet signs of strong coalition