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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश लखनऊपीजीआई में उतरेगी एयर एम्बुलेंस, तीन माह में बनेगा हैलीपैड

पीजीआई में उतरेगी एयर एम्बुलेंस, तीन माह में बनेगा हैलीपैड

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊNewswrap
Sun, 05 Dec 2021 10:15 PM
पीजीआई में उतरेगी एयर एम्बुलेंस, तीन माह में बनेगा हैलीपैड

-प्रदेश में ब्रेन डेड और जीवत अंगों के प्रत्यारोपण को गति मिलेगी

--शासन की संस्तुति पर संस्थान प्रशासन न डीपीआर तैयार किया

-हेलीपैड के लिए जगह चिन्हित, नये साल में काम शुरू होगा

लखनऊ। सुशील सिंह

पीजीआई में एयर एम्बुलेंस सेवा चार माह में शुरू हो जाएगी। शासन ने इसकी मंजूरी दे दी है। संस्थान प्रशासन ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार कर ली है। नये साल में हैलीपैड बनाने का काम शुरू हो जाएगा। संस्थान में निर्माणाधीन करीब 558 बेड वाले इमरजेंसी मेडिसिन और आधुनिक गुर्दा प्रत्यारोपण केन्द्र के पास हैलीपैड तैयार किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस का संचालन शुरू होने से प्रदेश के सरकारी व निजी अस्पतालों में ब्रेन डेड और जीवित लोगों के अंगों के प्रत्यारोपण की रफ्तार बढ़ेगी।

पीजीआई निदेशक डॉ. राधाकृष्ण धीमन बताते हैं कि इसका मुख्य मकसद अंगों के प्रत्यारोपण को गति देना है। ताकि लिवर, गुर्दा, बोन मैरो, हार्ट वाल्व, त्वचा व कार्निया के जरूरतमंद लोगों को अंग प्रत्यारोपित कर नया जीवन दिया जा सके। ब्रेन डेड और जीवित लोगों के अंगों को एक निश्चित समय में प्रत्यारोपित किया जाना होता है। इसके लिए हेलीपैड जरूरी है। डॉ. धीमन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा हेलीपैड बनाने की मंजूरी दी गई है।

संस्थान के निदेशक डा. आरके धीमन बताते हैं कि हर साल करीब पांच लाख लोगों की मौत अंग खराब होने से हो रही है। इसमें दो लाख लिवर, डेढ़ लाख गुर्दा व बचे दूसरे अंग शामिल हैं।

40 से अधिक अस्पताल पीजीआई के अधीन काम करेंगे

पीजीआई के अस्पताल प्रशासन के प्रमुख डॉ. राजेश हर्षवर्धन बताते हैं कि प्रदेश में अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण करने वाले सभी सरकारी व निजी अस्पताल पीजीआई के अधीन काम करेंगे। पीजीआई को राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो ) की जिम्मेदारी दी गई है। इसका प्रभारी डॉ. हर्षवर्धन को बनाया गया है। गाइड लाइन तैयार की गई हैं। शासन जल्द ही इसे प्रदेश भर में लागू करेगा। पीजीआई के अधीन केजीएमयू, लोहिया संस्थान, बीएचयू समेत प्रदेश भर के अंग व ऊतक प्रत्यारोपण करने वाले 40 से अधिक मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पताल शामिल हैं।

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