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मरीज को बांग्लादेश ले जा रही थी एयर एम्बुलेंस, रास्ते में पायलट बीमार, लखनऊ उतारा

एयरपोर्ट अथारिटी के अनुसार विमान संख्या वीटीएवीवी ने बुधवार को दिल्ली से उड़ान भरी थी।

दिल्ली से बांग्लादेश के चटगांव मरीज को लेने जा रही एयर एम्बुलेंस का पायलट खुद बीमार हो गया। दिन में 3:08 बजे छह सीटर इस विमान की लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग हुई। एयरपोर्ट पर प्राथमिक चिकित्सा के बाद पायलट को अवध अस्पताल भेजा गया।

एयरपोर्ट अथारिटी के अनुसार विमान संख्या वीटीएवीवी ने बुधवार को दिल्ली से उड़ान भरी थी। यह सी 56 एक्स विमान है। जब विमान लखनऊ के पास था तो इसके पायलट गणेश चन्द्र मिश्रा ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बताया कि उसकी तबियत ठीक नहीं है। पायलट को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही थी। ऐसे में एटीसी ने तुरंत रनवे खाली करा कर विमान को उतरने का निर्देश दिया। जैसे ही पायलट उतरा एयरपोर्ट की मेडिकल टीम पहुंच गई। प्राथमिक इलाज के बाद एम्बुलेंस से अवध अस्पताल भेजा गया। अवध अस्पताल के डॉ. सुशील गट्टानी ने गणेश चन्द्र का ईसीजी किया। अथारिटी के अनुसार फिलहाल पायलट की हालत में सुधार है। विमान का सह पायलट फिलहाल राजधानी के एक निजी होटल में ठहरा हुआ है। मुख्य पायलट के ठीक हो जाने और उड़ान के लिए स्वास्थ्य जांच के बाद यह एयर एम्बुलेंस लखनऊ से रवाना होगी। 

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35 हजार फुट पर बहुत मुश्किल होता है विमान संभालना
जो चार्टर (एयर एम्बुलेंस) लखनऊ में उतरा है वह दुनिया में सबसे तेज उड़ान भरने वाले छोटे विमानों में शुमार है। वरिष्ठ पायलट रोहित सिंह के मुताबिक यह विमान यदि एक से दूसरे देश जा रहा है तो सामान्य रूप से 32 से 35 हजार फुट पर उड़ान भर रहा होगा। ऐसे में मुख्य पायलट की तबियत बिगड़ जाए तो सह पायलट को जिम्मे पूरा विमान होता है। उसको बड़ी सूझबूझ से काम लेना होता है। क्योंकि विमान बीच रास्ते में था इसलिए वह ऑटो पायलट मोड में रहा होगा। ऐसे में विमान के ‘रेड बटन’ को दबाकर को पायलट उसको मैन्युअल मोड में लाता है। यदि मुख्य पायलट की हालत ज्यादा खराब है तो इसी दौरान उसके हाथों को महत्वपूर्ण कंट्रोल से दूर करना पड़ता है। गलती से भी छटपटाहट में किसी महत्वपूर्ण कंट्रोल पर हाथ पड़ गया तो लेने के देने पड़ सकते हैं। सह पायलट क्योंकि मुख्य पायलट जितना दक्ष नहीं होता इसलिए उसे विमान का कंट्रोल पूरी तरह अपने हाथ में लेने के साथ ही सबसे नजदीकी हवाईपट्टी पर इमरजेंसी लैंडिंग के लिए एटीसी को सूचित करना होता है।

डीजीसीए को भी दी जाती है जानकारी
पायलट जैसे ही इमरजेंसी की घोषणा करता है एयर ट्रैफिक कंट्रोल एलर्ट हो जाता है। रोहित सिंह के मुताबिक ऐसे में एटीसी को तत्काल संबंधित जोन के डीजीसीए यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन को इसकी ‘नोटिंग’ भेजनी होती है। विमान उतरने के साथ ही डीजीसीए भी सक्रिय हो जाता है।

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  • Web Title:Air ambulance pilot sick on the way have to land on Lucknow airport