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रिश्वत मांगने वाली एडीओ निलंबित, जिला समाज कल्याण अधिकारी मुख्यालय अटैच

-रायबरेली में वृद्धावस्था पेंशन के आवेदन अग्रसारित करने के मामले में फोन पर बातचीत...

रिश्वत मांगने वाली एडीओ निलंबित, जिला समाज कल्याण अधिकारी मुख्यालय अटैच
हिन्दुस्तान टीम,लखनऊFri, 23 Feb 2024 06:30 PM
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-रायबरेली में वृद्धावस्था पेंशन के आवेदन अग्रसारित करने के मामले में फोन पर बातचीत का आडियो हुआ वायरल

-मेरठ में पर्यवेक्षक को बना दिया पटल सहायक, अवैध वसूली में पकड़ा गया, जिला समाज कल्याण अधिकारी पर उठ रहीं उंगली

लखनऊ, विशेष संवाददाता

रायबरेली के डलमऊ ब्लाक की सहायक विकास समाज कल्याण (एडीओ) अधिकारी प्रगति वर्मा को वृद्धावस्था पेंशन के आवेदन पत्र अग्रसारित करने के लिए रिश्वत मांगने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। वहां के जिला समाज कल्याण अधिकारी वैभव त्रिपाठी पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

यह कार्रवाई प्रगति वर्मा और एक ग्राम प्रधान के बीच मोबाइल फोन पर हुई बातचीत का आडिया सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुई जांच में की गई है। इस आडियो में प्रगति वर्मा ग्राम प्रधान से आवेदन पत्र अग्रसारित करने के लिए रिश्वत की राशि कम बताते हुए ग्राम प्रधान को अपने कार्यालय बुलाने और अन्यथा की स्थिति में आवेदन पत्र अग्रसारित न करने की बात करती सुनी जा रही हैं। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए विभागीय निदेशक कुमार प्रशांत को मौके पर जांच करने के आदेश दिए थे।

निदेशक द्वारा शुक्रवार को की गई जांच में मामला प्रथम दृष्टया सही पाया गया। इसके बाद आरोपी प्रगति वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया। इसके साथ ही समाज कल्याण मंत्री के निर्देश पर शुक्रवार को उपनिदेशक लखनऊ मंडल आचिंत्य मणि भारती और जिला समाज कल्याण अधिकारी मुख्यालय अंजनी सिंह मौके पर पहुँच कर गहनता से जांच कर रहे हैं। शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पीड़ितों का बयान दर्ज किया। प्रगति वर्मा पर आरोप है कि प्रति लाभार्थी 500-500 रुपयों की मांग कर रही थीं। नागरिक समाज कल्याण विभाग में भ्रष्टाचार संबंधी कोई भी शिकायत ‘कल्याण साथी के हेल्पलाइन नंबर-14568 पर कर सकते हैं।

इसके अलावा मेरठ में समाज कल्याण पर्यवेक्षक मनोज चौधरी को वहां के जिला समाज कल्याण अधिकारी ने एससी-एसटी एक्ट के मामलों का पटल सहायक बना दिया, इसके बाद मनोज चौधरी अवैध वसूली करने लगे। शिकायत हुई। शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में भी मेरठ के जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार की संलिप्तता बताई जा रही है। समाज कल्याण पर्यवेक्षक संगठन के अध्यक्ष श्रीशचन्द्र ने सुनील कुमार के खिलाफ भी जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है। हालांकि सुनील कुमार ने इस मामले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।

अभी कुछ ही दिन पहले बलिया में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था। जिस पर विभागीय मंत्री ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण भानु प्रताप और लिपिक रवीन्द्र को निलंबित करते हुए 15 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाये थे।

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