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सरयू और घाघरा को पूरब और पश्चिम से जोड़ता है गोंडा : मालिनी 

लोककला महोत्सव के पहले दिन दीनदयाल शोध संस्थान के माधव सभागार में राष्ट्रीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में लोककला संवर्धन, संरक्षण और प्रोत्साहन पर विशेष चर्चा की गई।
संगोष्ठी की शुरुआत प्रख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने नानाजी देशमुख के चित्र पर पुष्पांजलि से की।  मालिनी अवस्थी ने कहा संस्कार भारती द्वारा पूरे भारत में चलाये जा रहे लोककला और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा, भौगोलिक दृष्टि से गोण्डा सरयू और घाघरा को पूरब और पश्चिम में जोड़ता है। यह वही क्षेत्र है जहां भगवान राम के सुपुत्र ने राज किया। गोण्डा वही क्षेत्र है जहां भगवान शिव और महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा भी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की दृष्टि से कहा कि गोण्डा अभी भी पिछड़ा है। इसलिए विचारक नानाजी देशमुख ने इस क्षेत्र को चुनकर समाज के सभी धर्मों के लोगों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया। श्रीमती अवस्थी ने कहा कि परम्पराओं को समाज ने बनाया है। इस लोक परम्परा को लोक संस्कृति के साथ सहेजने की आवश्यकता है। आज के इस युग में छोटे और बड़े उत्सवों में लोग लोक संस्कृति से हटकर पश्चिमी सभ्यता को देख रहे हैं। 
गोष्ठी में सच्चिदानन्द जोशी, रघुराज देश पाण्डेय, सुरेश राठौर, डा. कपिल तिवारी, बसन्त निर्गुणे और बांकेलाल गौड़ सहित संस्कार भारती से जुड़े सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

 

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  • Web Title:Adds Saryu and Ghaghra to East and West Gonda: Malini