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जेल गए वकील के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई 

सीतापुर जिले में पुलिस अधीक्षक से हाथापाई और दरोगा से मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जेल गए अधिवक्ता के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शनिवार जिलाधिकारी को प्रेषित की गई। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि कुछ और वकीलों के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भी भेजी जा रही है। ये वे वकील हैं, जिन पर गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। कुछ ऐसे भी हैं, जो दर्ज हुए मुकदमों के साथ संदिग्ध गतिविधियों में भी शामिल रहे है। इनकी सूचना रिपोर्ट शासन को भेजी की जा रही है। 
बता दें कि सीतापुर क्लब पर कब्जा हटाने के बाद से वकील और पुलिस आमने सामने आए हैं। दरअसल अधिवक्ता ओमप्रकाश गुप्ता और रामपाल सिंह को पकड़े जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। इसी के बाद जिला जज के चेंबर में एसपी प्रभाकर चौधरी से हाथापाई हुई। एसपी पीआरओ विनोद मिश्रा से हाथापाई के बाद प्रदीप पाण्डे को वकीलों ने जूतों से पीटा। अवैध कब्जा, मारपीट और पुलिस कप्तान का मोबाइल छीनने के मामले में कोतवाली नगर में कुल पांच मुकदमे पंजीकृत हुए। बाद में वकील दीपक राठौर और चन्द्रभाल गुप्ता को जेल भेजा गया। पुलिस-वकील की रार के बीच शनिवार को कानूनी प्रक्रिया बढ़ चली है।
 पुलिस कप्तान प्रभाकर चौधरी का कहना है कि अवैध कब्जे के मामले में नामजद रहे वकील रामपाल सिंह पर कई वर्ष पूर्व राजा बक्श सिंह की हत्या का अभियोग पंजीकृत है। मामला ट्रायल पर है। वकील रामपाल सिंह के पूर्व में जेल जाने की भी सूचना है। कई और अधिवक्ता हैं, जिन पर गंभीर मामलों में अभियोग पंजीकृत हैं और वे संदिग्ध गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। इन सभी की रिपोर्ट बनाकर शासन और हाइकोर्ट को भेजी जा रही है। शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए जेल भेजे गए चन्द्रभाल गुप्ता व कुछ अन्य वकीलों को चिह्नित किया गया है। आख्या के आधार पर शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की सूचना संस्तुति के लिए जिलाधिकारी को प्रेषित की जा रही है। 

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  • Web Title:Action for the cancellation of Arms License of the Prisoner