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छात्रा के अपहरण में अध्यापक को 22 साल की कैद, 20 हजार जुर्माना

प्रथम अपर जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार ने वर्ष 2015 में छात्रा  को बहला फुसला कर अपहरण करने के मामले में दोष सिद्ध पाक्सो आरोपित अध्यापक सुरेश पाल को 22 साल की सजा से दण्डित किया। साथ ही अभियुक्त पर 20 हजार रुपए जुर्माना किया गया है। इसके बाद अभियुक्त को पुन: न्यायिक हिरासत में सोमवार को जेल भेजने का आदेश किया है।

यह मामला गोसाईगंज क्षेत्र का तीन साल पूर्व का है। अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील विजय ओझा के मुताबिक वादी मुकदमा की नाबालिग पुत्री जो कक्षा 11 की छात्रा है। उसे अध्यापक सुरेश पाल ट्यूशन पढ़ाता था। नौ मार्च 2015 को सुबह नौ बजे अध्यापक सुरेश पाल ने उसकी पुत्री को पालिक्टेक्निक का फार्म भराने बहला-फुसला कर लखनऊ ले गया। इसके बाद नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया। चार मई को पुलिस ने अपहृता को बरामद कर फरार अध्यापक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

वादी, पीड़िता व गवाहों के बयान के आधार पर अभियुक्त अध्यापक सुरेश पाल पर दोष सिद्ध कर गत दिनों जेल भेज दिया था। सोमवार को न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए रेप की धारा 376 में बरी कर दिया। जबकि धारा 363 में पांच साल की सजा व पांच हजार जुर्माना किया। 366 में सात साल की सजा व पांच हजार जुर्माना तथा चार पाक्सो में 10 साल की सजा व 10 हजार जुर्माना दिया सभी सजाएं साथ-साथ चलेगा।

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  • Web Title:22 years in jail for kidnapping of schoolgirl 20 thousand fines