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1948 करोड़ दिए खस्ताहाल 16 सहकारी बैंकों के सुधार के लिए

जिला सहकारी बैंक

- अगले महीने से इन बैंकों के खाताधारकों के भुगतान की समस्या हो जाएगी दूर

- बैंकिंग सुधार के लिए बनाई गई कार्ययोजना

- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नार्म पूरे होंगे नाबार्ड की गाइड लाइन का होगा पालन

इन जिला सहकारी बैंकों की दशा सुधरेगी:

फैजाबाद, गाजीपुर, श्रावस्ती, इलाहाबाद, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, हरदोई, आजमगढ़, सुल्तानपुर, बस्ती, बलिया, फतेहपुर, गोरखपुर, जौनपुर तथा देवरिया।

जर्जर आर्थिक हालात के कारण खस्ताहाल हो चुके प्रदेश के 16 जिला सहकारी बैंकों की दशा अब सुधर जाएगी। प्रदेश सरकार ने इन बैंकों के पुनरुद्धार के लिए 1948 करोड़ रुपये दिए हैं। बैंकों की बैंकिंग व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। अगले महीने से इन बैंकों के खाताधारकों के बकाए का भुगतान सुगमता से होने लगेगा।

बुधवार को यूपी कोआपरेटिव बैंक मुख्यालय में प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा की अध्यक्षता में इन बैंकों की प्रगति की समीक्षा की गई। नाबार्ड के दिशानिर्देशों के मुताबिक इन बैंकों के विकास की कार्ययोजना बनाने का निर्देश मंत्री ने दिया। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि 16 जिला सहकारी बैंकों से खाताधारकों की मांग के मुताबिक भुगतान नहीं हो पा रहा है। सरकार ने इसके लिए धनराशि मुहैया कराई है। खाताधारकों की मांग के मुताबिक बैंक भुगतान कर सकें इसकी कार्ययोजना बना दी गई है। ये सभी बैंक पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के हैं। इन बैंकों को नए लाइसेंस दिलाए गए हैं।

यूपी कोआपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक रविकांत सिंह के मुताबिक प्रदेश सरकार ने बैंकों के सुधार के लिए 1948 करोड़ रुपए दिए हैं। आठ बैंक ऐसे हैं जहां स्थिति अब पूरी तरह सामान्य हो गई है। शेष आठ बैंकों खाताधारकों के जमा धनराशि का अधिकतम 10 हजार रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है। खाताधारकों के भुगतान के मुद्दे पर पूछे जाने पर प्रमुख सचिव सहकारिता एमवीएस रामी रेड्डी ने बताया कि आरबीआई के नार्म्स पूरे किए जा रहे हैं। अगले महीने से भुगतान करने की स्थिति सामान्य हो जाएगी।

ऋणमोचन योजना की लंबित प्रकरणों का होगा निस्तारण

बैठक के दौरान सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि ऋणमोचन योजना के तहत लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जाए। इस योजना का लाभ लाभ अधिक से अधिक किसानों को दिया जाए। बैंकों के व्यवसाय में वृद्धि हेतु ऋण वितरण पर विशेष बल देते हुए बैंकों की साख बनाए रखने के लिए खाताधारकों के भुगतान को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक (बैंकिंग) आन्द्रे वामसी तथा अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

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  • Web Title:1948 crores for improvement of 16 cooperative banks