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21 जनवरी, 2020|5:06|IST

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‘जीवित प्राणियों की तरह पेड़-पौधे भी हैं

डा. जेसी बोस में वर्ष 1901 में शोध कर दुनिया को दी थी जानकारीलखनऊ। प्रमुख संवाददातावैज्ञानिक डा. जेसी बोस ने 116 साल पहले वर्ष 1901 में दुनिया को पहली बार बताया था कि पेड़-पौधे भी जीवित प्राणियों की तरह से है। उन्होंने प्रयोगों के आधार पर इसे साबित किया था। यह बात डा. जेसी बोस के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित वैज्ञानिक व्याख्यान में विज्ञान भारती अवध प्राप्त के सचिव डा. मृदुल शुक्ला ने बताई।महर्षि विश्वविद्यालय में विज्ञान भारती अवध प्रान्त की ओर से आयोजित कार्यक्रम कुलपति डा. पीके भारती ने कहा कि महर्षि विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान-विज्ञान व स्वदेशी विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान के संकाय सदस्य व विद्यार्थी मिलकर स्वदेशी विज्ञान की मदद से भारतीय उत्पाद विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। आईईटी में बायोटेक्नालॉजी के विभागाध्यक्ष प्रो. बीएन मिश्रा ने कहा कि स्वदेशी विज्ञान के बिना वैज्ञानिक विकास सम्भव नहीं है। डा. जेसी बोस के निस्वार्थ भाव से किए गए वैज्ञानिक खोज भारतीय वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। वैज्ञानिक डा. एसके ओझा ने कहा कि आस-पास के वातावरण में आए जाने वाले नीम, तुलसी, हल्दी आदि का अधिकाधिक प्रयोग कर मनुष्य उत्तम स्वाथ्य प्राप्त कर सकता है। इस मौके पर एनबीआरआई के वैज्ञानिक डा. एसके तिवारी ने डा. पीके भारती को संरक्षक व डा. हिमानी कुलश्रेष्ठ को महर्षि विश्वविद्यालय में अवध विज्ञान भारती का को-ऑडिनेटर नियुक्त किया।

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  • Web Title:'There are trees and plants like living beings'