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चुनावी रण के बाद दाल के दामों में भारी बढ़ोत्तरी

एक महीने के अन्दर ही दूसरी बार थोक बाजार में अरहर की दालों में एक बार फिर उछाल आया है। अरहर पुखराज दाल पांच रुपये, उड़द की दाल में भी लगभग तीन रुपये की तेजी आई है। वहीं मटर में चार रुपये और चावल बासमती में सात रुपये प्रतिकिलो महंगा हो गया। वहीं फुटकर बाजार में अभी इन दामों का असर नहीं आया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि दाल के दाम में तेजी आने का कारण मध्यप्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में दाल की फसल का कमजोर होना और आयात पर प्रतिबंध है।

चुनावी समर की समाप्ति के बाद एक बार फिर अरहर दाल समेत अन्य खाद्य पदार्थों में तेजी आई है। मई महीने में दाल के दाम दूसरी बार बढ़े हैं। मई के पहले सप्ताह में अरहर पुखराज दाल में 12 रुपये प्रतिकिलो की बढ़ोत्तरी हुई थी। वहीं मई के आखिर में आते-आते एक बार फिर पांच रुपये की तेजी के साथ 87 रुपये, पुखराज 89 रुपये और डायमंड 66 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गई। वहीं उड़द की दाल भी इस बीच दो रुपये की तेजी के साथ 110 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गए। मटर और चना के दामों में भी उछाल आया है। मटर 52-53 रुपये से बढ़कर 56 रुपये प्रतिकिलो और चना 45 रुपये से 49 रुपये तक पहुंच गया। जबकि चावल बासमती हरी पत्ती 87-88 रुपये से बढ़कर 94 रुपये के भाव में बिक रहा है। दाल मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भारतभूषण गुप्ता कहते हैं कि दालों के आयात पर प्रतिबंध और टैक्स की बढ़ोत्तरी की वजह से विदेशी दाल बाजार में आ नहीं पा रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकार के पास जो दाल स्टाक है उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं रह गई। ऐसे में दाल का दाम में बढ़ोत्तरी हुई है। उनका कहना है कि सबसे अच्छा चावल के दाम भी लगभग पांच रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बढ़ गए हैं।

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