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मानव सेवा ही सच्ची सेवा है, आचार्य गोपालदास

मलिहाबाद। हिन्दुस्तान संवादमनुष्य के लिए केवल इतना ही महत्वपूर्ण कर्म है, कि वह केवल किसी को अपने कर्मो से आहत न करें। अपने द्वारा किये गये इन सद्कर्मों के द्वारा ही वह सच्ची पूजा कर सकता है।मलिहाबाद के परम शिवालय मन्दिर परिसर मे 9 जनवरी से चल रही श्रीमद्भागवद् कथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए बीकेटी के कथावाचक गोपाल दास महाराज ने यह उद्गार व्यक्त किये।उन्होंने मानव धर्म को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि मनुष्य अपने कर्मों से ही अपनी गति पाता है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को यह प्रण लेना चाहिए कि वह अपने दैनिक कार्य भी इस प्रकार करे ताकि किसी के ह्रदय को ठेस न पहुंच पाये। यदि वह ऐसा करने मे सफल रहा तो अन्य लोगों के साथ ही परमात्मा भी उसपर प्रसन्न होगे।आयोजन समिति के सुशील शुक्ल ने बताया 15 जनवरी को इस कार्यक्रम का समापन किया जायेगा।

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