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इंसान की सच्चाई और ईमानदारी का महत्व बताता नाटक

- संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में हुआ नाटक का मंचन

लखनऊ। निज संवाददाता

कोई इंसान जो सच्चा और ईमानदार है उसके आगे हर महंगी चीज भी सस्ती हो जाती है। आज भी समाज में ईमानदारी से अपना काम करने वाले सच्चे लोगों की कद्र होती है। इसी संदेश के साथ बाबू हरदयाल वास्तव नाट्य समारोह के दूसरे दिन केपी सक्सेना के लिखी कहानी गज फुट इंच का नाट्य मंचन हुआ। संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में शनिवार को रविकांत शुक्ला की इस प्रस्तुति का निर्देशन संगम बहुगुणा ने किया। इस नाटक ने प्रेक्षागृह में मौजूद दर्शकों को गुदगुदाने के साथ ईमानदारी और इंसानियत का सबक भी बताया। हास्य नाटक की शुरुआत कपड़े के कारोबारी पोखरमल और उनके दोस्त साईं दास से होती है। दोनों अपने अपने बच्चों की शादी करने की ठान लेते हैं। पोखरमल का लड़का टिल्लू संसार के ज्ञान और मोह माया से दूर कपड़े के धंधे में व्यस्त रहता है, जबकि साईंदास की लड़की जुगनी समझदार पढ़ी लिखी होती है। दोनों विवाह के लिए अपने बेटी बेटे को मिलने पार्क में भेजते हैं। पोखरमल को अपने दब्बू लड़के की चिंता होती है, लेकिन लड़की टिल्लम की सादगी पर मर मिटती है और विवाह के लिए हां कर देती है। नाटक में ममता प्रवीण, हरीश बडोला, तान्या सूरी, अम्बरीश बॉबी, मनोज वर्मा और हर्षिता ने दमदार अभिनय किया।

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