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महिला अस्पतालों में ब्लड जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

लखनऊ। निज संवाददाता।

रक्तदान दिवस के अवसर पर राजधानी के महिला असपतालों में जागरूकता कार्यक्रमों का अयोजन किया गया। वीरांगना अवंती बाई डफरिन अस्पताल में गुरुवार को प्रसूताओं संग तीमारदारों को जागरूक करने के लिए रक्तदान जागरूकता अभियान के कार्यक्रम का आयोजन अस्पताल परिसर में किया गया। आउटडोर में आयोजित इस कार्यक्रम में ओपीडी में आने वाले मरीजों को सवाल और जवाब सत्र में उनको ब्लड डोनेट करने की जानकारी समेत प्रसूताओं में खून की कमी के कारण, डाइट और खून को बढ़ाने के तरीकों को बताया गया। जिसमें वरिष्ठ डॉक्टर द्वारा तीमारदारों और महिला मरीजों को ब्लड डोनेश के बारे में सारी जानकारी दी। इस अवसर पर अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका लीली सिंह ने बताया कि गर्भवती महिलाओं में खून की कमी हो जाती है जिसके लिए उचित खानपान, हरी सब्जियों, फल, मेवा, सेब, अनार के सेवन साथ आयरन की मात्रा को शरीर में बढ़ाने के लिए आयरन वाली वस्तुओं का भरपूर सेवन करना चाहिए जिससे उनके शरीर में खून की कमी नहीं होगी। कार्यक्रम में डॉ शोभा द्विवेदी, डॉ सरोज श्रीवास्तव, डॉ वंदना मौर्या समेत बाल विभाग के डॉक्टर, स्टॉफ नर्स, गायनोलॉजिस्ट, पैथालॉजिस्ट मौजूद रही। वहीं झलकारी बाई अस्पताल में भी इस बार जागरूकता शिविर का आयोजन कर रक्तदान जैसे महादान में ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की गई। अस्पताल की सीएमएस डॉ सुधा वर्मा ने बताया कि अस्पताल परिसर के भीतर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर अस्पताल में दाखिल होने वाली महिला मरीजों के तीमारदारों को रक्तदान के फायदे, दूसरी जिंदगीयों को बचाने की अपील की गई।

- डिलीवरी के छह माह बाद तक नहीं करें ब्लड डोनेशन

डफरिन अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका लीली सिंह ने बताया कि गर्भवती महिलाएं ब्लड डोनेट नहीं कर सकती हैँ। डिलीवरी के छह माह जब तक नवजात को स्तनपान कराती हैं तब तक महिलाएं ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए। वैसे हर तीन महीनें बाद महिलाएं ब्लड डोनेट कर सकती हैं।

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