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मुख्यमंत्री

-मुख्यमंत्री ने दिए अयोध्या में अनवरत रामलीला जारी रखने के निर्देश

-रामलीला पर शोध, सर्वेक्षण व प्रदर्शन के लिए अयोध्या शोध संस्थान को केंद्र सरकार से मिले 50 लाख

-अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव में बुलाए जाएंगे विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष

-रामचरितमानस कंठस्थ कराने के लिए शुरू होगा पाठ्यक्रम

प्रमुख संवाददाता-राज्य मुख्यालय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में अनवरत रामलीला का आयोजन किसी भी हाल में रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीपावली के मौके पर दीपोत्सव के साथ रामलीला उत्सव भी आयोजित किया जाएग और इसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष बुलाए जाएंगे।

यह बातें उन्होंने बुधवार को यहां शास्त्री भवन में अयोध्या शोध संस्थान के संबंध में बुलाई गई बैठक में कहीं। बैठक में केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से रामलीला पर शोध, सर्वेक्षण एवं प्रदर्शन के लिए मुहैया कराए गए 50 लाख रुपये अनुदान की कार्य योजना का प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में होने वाली रामलीलाओं को बढ़ावा देने के लिए उन्हें सभी प्रकार का सहयोग और अनुदान भी दिया जाए। उन्होंने श्रीरामचरितमानस को कंठस्थ कराने के लिए पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की आवश्यकता भी बताई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव में प्रति वर्ष विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया जाए। दीपोत्सव के साथ ही रामलीला उत्सव भी कराया जाए। इसके अलावा रामलीला के कलाकारों को पुरस्कृत भी किया जाए। उन्होंने कहा कि दुनिया के किन नगरों के नाम भगवान श्रीराम के नाम पर हैं, इस पर तथ्यपरक शोध भी कराया जाए।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि रूस की राजधानी मास्को के रामलीला कलाकार पद्मश्री गेन्नादी पिचनिकोव के जीवनवृत्त पर आधारित वीडियो फोटो के लिए दो लाख रुपए तथा प्रकाशन के लिए दो लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। यह भी बताया गया कि अन्य देशों तथा उत्तर प्रदेश, देश व विश्व के विभिन्न स्कूलों में पारम्परिक रामलीलाओं की प्रस्तुति एवं रामलीलाओं की प्रदर्शनी के लिए 13 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यूपी में मलेशिया की रामलीला की प्रस्तुति तथा विभिन्न देशों की रामलीलाओं की प्रदर्शनी के लिए तीन लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रदेश में लीला गुरुकुलों की स्थापना तथा रामलीला का एक मानक पाठ (जिसमें सात दिन में सम्पूर्ण रामलीला का मंचन हो सके) तैयार कराया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों में रामलीला के प्रति रुझान उत्पन्न करने की विशेष योजना के तहत प्रतियोगिता, पुरस्कार योजना व विदेश भ्रमण की योजना भी बनाई गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री को ‘रामलीला की विश्व यात्रा (यूनेस्को द्वारा वर्ष 2005 में घोषित विश्व की अमूर्त विरासत) पुस्तक भेंट की गई। बैठक में प्रदेश के संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य मंत्री लक्ष्मी नारायण चैधरी, प्रमुख सचिव सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी तथा अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

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