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राज्यपाल से रिटायरमेंट आयु 62 वर्ष तथा पुरानी पेंशन बहाली की मांग

कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष ने राज्यपाल से तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

लखनऊ निज संवाददाता

पीजीआई में डॉक्टरों के साथ ही कर्मचारियों ने रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। कर्मचारी महासंघ पीजीआई की अध्यक्ष सावित्री सिंह ने गुरुवार को राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात कर कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 60 से 62 वर्ष करने, पुरानी पेंशन बहाली के साथ ही नियमावली 2011 संशोधन के मुद्दे पर वार्ता के साथ उन्हें ज्ञापन दिया। राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि वो जल्द ही इन मुद्दों के निस्तारण हेतु मुख्यमंत्री और पीजीआई निदेशक को निर्देशित करेंगे।

कर्मचारी महासंघ की अध्यक्ष सावित्री सिंह का कहना है कि संस्थान के डॉक्टर रिटायरमेंट उम्र 65 से 70 की मांग कर रहे हैं। उनका प्रस्ताव शासन में लंबित भी है। उन्होंने राज्यपाल से वार्ता में कहा कि जब संस्थान के डॉक्टर उम्र बढ़ाने की बात कर सकते हैं तो कर्मचारी क्यों नहीं, लिहाजा सरकार को कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से 62 वर्ष करना चाहिए। इसके अलावा पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा रखा। उन्होंने कई राज्यों का हवाला देते हुए कि वहां की सरकारों ने पुरानी पेंशन बहाल कर दी है तो यूपी सरकार को भी पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए। ताकि वर्ष 2005 के बाद सरकारी सेवा में आए कर्मचारियों व अधिकारियों को इसका लाभ मिलेगा। सावित्री सिंह ने राज्यपाल राम नाईक को नियमावली 2011 संशोधन के मुद्दे पर बताया कि उन्होंने वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी शिकायत की थी। जिस पर पीजीआई निदेशक ने नियमावली के संशोधन हेतु एक कमेटी गठित की थी। इस प्रकरण को मुख्यमंत्री पोर्टल पर निस्तारित दिखाया जा रहा है। जबकि हकीकत में अभी तक कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 से पहले पीजीआई कर्मियों को एम्स के समतुल्य सुविधाएं मिलती थी लेकिन बसपा सरकार ने वर्ष 2011 में नियमावली संशोधन कर दिया था। जिसकी वजह से संस्थान में वेतनमान व तमाम तरह के भत्तों के अलावा समूहों का वर्गीकरण, पदोन्नतियां व अन्य सुविधाओं का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है।

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